नीरज प्रजापति

श्यामा-श्याम जू की सखियों के नेतृत्व में 16 से 23 सितंबर तक श्रीमद्भागवत कथा, कृष्ण जन्मोत्सव से रासलीला और सुदामा चरित्र तक बहेगी भक्ति की गंगा

मुजफ्फरनगर। धर्मनगरी मुजफ्फरनगर में पहली बार महिलाओं के नेतृत्व में श्रीमद्भागवत कथा का अनूठा आयोजन होने जा रहा है। शनिवार को श्री गणपति धाम में श्यामा-श्याम जू की सखियों की ओर से आयोजित प्रेस वार्ता में आयोजन की तैयारियों और कार्यक्रम की विस्तृत जानकारी दी गई। नगर पालिका परिषद की पूर्व चेयरमैन अंजू अग्रवाल ने बताया कि इस भव्य धार्मिक आयोजन के लिए 108 महिलाओं का समूह बनाया गया है। महिलाओं के सामूहिक संकल्प से होने वाला यह आयोजन श्रद्धालुओं के लिए आध्यात्मिक आकर्षण का केंद्र बनेगा।
कथा व्यास हिमेश शास्त्री महाराज के मुखारविंद से 16 से 23 सितंबर तक आशीर्वाद बैंकट हॉल में श्रीमद्भागवत कथा का आयोजन किया जाएगा। कथा प्रतिदिन अपराह्न 3 बजे से प्रारंभ होगी। बताया गया कि आयोजन की शुरुआत बुधवार 16 सितंबर को प्रातः 8:30 बजे शिव दुर्गा मंदिर, लक्ष्मण विहार से निकलने वाली मंगल कलश यात्रा के साथ होगी, जो कथा स्थल तक पहुंचेगी। उन्होंने बताया कि पहले दिन श्रीमद्भागवत महात्म्य, राजा परीक्षित को श्राप और शुकदेव जी के आगमन की कथा के साथ भगवान श्रीकृष्ण जन्मोत्सव का विशेष आयोजन होगा। 17 सितंबर को श्री शुक-परीक्षित चरित्र, मनु-कर्दम चरित्र, वराह अवतार और कपिलोपदेश का वर्णन किया जाएगा। 18 सितंबर को सती चरित्र, ध्रुवाख्यान, जड़ भरत चरित्र, अजामिलोद्धार और नृसिंह अवतार की कथा श्रद्धालुओं को भक्ति और धर्म के मार्ग से जोड़ेगी। 19 सितंबर को गजेन्द्र मोक्ष, वामन अवतार, श्रीराम चरित्र, श्रीकृष्ण जन्मोत्सव और नंदोत्सव का आयोजन होगा। 20 सितंबर को श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं के साथ गोवर्धन लीला, छप्पन भोग और अन्नकूट महोत्सव विशेष आकर्षण रहेगा। 21 सितंबर को रासलीला तथा श्रीकृष्ण-रुक्मणी मंगल विवाह का प्रसंग भक्तिमय वातावरण को और भावपूर्ण बनाएगा।
22 सितंबर को सुदामा चरित्र, भागवत धर्म, उद्धवोपदेश और श्रीमद्भागवत कथा सार के साथ कथा का विश्राम होगा। 23 सितंबर को हवन, प्रसाद वितरण और भंडारे के साथ आयोजन का समापन किया जाएगा।
कथा व्यास हिमेश शास्त्री श्रीमद्भागवत और श्रीराम कथा के प्रसिद्ध कथावाचक एवं संत रहेंगे, क्योंकि प्रवचनों में आध्यात्मिक ज्ञान, भक्ति, संस्कार और चरित्र निर्माण का संदेश प्रमुख रहता है। इस दौरान आयोजकों ने श्रद्धालुओं से अधिक से अधिक संख्या में पहुंचकर कथा श्रवण करने और भगवान श्रीकृष्ण की भक्ति में सहभागी बनने का आह्वान किया है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Verified by MonsterInsights