मुज़फ्फरनगर। जनपद में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के दौरे के बीच राजनीतिक माहौल उस समय गरमा गया, जब समाजवादी पार्टी के नेता गौरव जैन ने भाजपा सरकार पर तीखा प्रहार करते हुए 10 वर्षों के कार्यकाल को पूरी तरह विफल बताया। उन्होंने कहा कि “दस साल में जनता को सिर्फ वादों का झुनझुना पकड़ाया गया, जबकि हकीकत में विकास शून्य रहा। गौरव जैन ने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री के कार्यक्रम को सरकारी आयोजन के नाम पर प्रचार रैली में बदल दिया गया, जहां रोजगार और विकास के लुभावने वादों के जरिए भीड़ जुटाई गई। उन्होंने इसे जनता के साथ धोखा करार देते हुए कहा कि सरकारी मंच का इस्तेमाल राजनीतिक लाभ के लिए किया गया, जो लोकतंत्र की भावना के खिलाफ है। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार के एक दशक के कार्यकाल के बाद भी मुज़फ्फरनगर विकास के मामले में पिछड़ा हुआ है। हर दौरे में नई घोषणाएं होती हैं, लेकिन जमीनी स्तर पर कुछ भी नजर नहीं आता। जनता अब सिर्फ घोषणाओं से नहीं, ठोस काम चाहती है। शहर की बदहाल स्थिति पर निशाना साधते हुए गौरव जैन ने कहा कि आज भी मुज़फ्फरनगर जाम, टूटी सड़कों और जाम नालों की समस्या से जूझ रहा है। उन्होंने बताया कि शहर को जाम से राहत दिलाने के लिए चार पुलों की आवश्यकता थी, लेकिन जिन दो पुलों का निर्माण हुआ, वे भी पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के कार्यकाल में बने थे। गांधी कॉलोनी और रेशु विहार रेलवे फाटक पर पुल निर्माण की मांग आज भी अधूरी पड़ी है।
उन्होंने आगे कहा कि “भाजपा सरकार ने विकास के नाम पर सिर्फ वादे किए और जनता को ठगने का काम किया है। न कोई बड़ा प्रोजेक्ट धरातल पर उतरा, न ही शहर की मूलभूत समस्याओं का समाधान हुआ। यह 10 साल का कार्यकाल मुज़फ्फरनगर के लिए काला अध्याय बन चुका है। गौरव जैन ने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि अब जनता जाग चुकी है और आने वाले चुनाव में इसका जवाब जरूर देगी। जनता अब वादों और भाषणों के जाल में नहीं फंसने वाली, बल्कि अपने वोट की ताकत से सच्चाई का हिसाब करेगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि अगर जल्द ही मुज़फ्फरनगर की समस्याओं का समाधान नहीं किया गया, तो जनाक्रोश सड़कों पर भी दिखाई देगा और चुनावी नतीजों में भी।
