मुख्यमंत्री को ज्ञापन सौंपने की घोषणा के बाद हुई बड़ी कार्रवाई, राष्ट्रीय अध्यक्ष चौधरी शाह आलम रहे लंबे समय तक हाउस अरेस्ट
मुजफ्फरनगर। जनपद की राजनीति और किसान आंदोलन में उस समय हलचल मच गई जब भारतीय किसान मजदूर संयुक्त मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष चौधरी शाह आलम को अंबा विहार स्थित उनके आवास पर खालापार थाना पुलिस द्वारा हाउस अरेस्ट कर लिया गया। मुख्यमंत्री को ज्ञापन सौंपने की घोषणा के बाद प्रशासन की इस कार्रवाई ने पूरे संगठन में रोष और बेचैनी का माहौल पैदा कर दिया।
हाउस अरेस्टिंग की खबर फैलते ही संगठन के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं का तांता चौधरी शाह आलम के आवास पर लग गया। समर्थकों का जमावड़ा लगातार बढ़ता रहा और पूरे क्षेत्र में इस कार्रवाई को लेकर चर्चाओं का दौर शुरू हो गया। चौधरी शाह आलम ने बताया कि केवल उन्हें ही नहीं, बल्कि संगठन के कई जिला अध्यक्षों और सैकड़ों कार्यकर्ताओं को भी अलग-अलग स्थानों पर हाउस अरेस्ट किया गया, जिससे आंदोलन को दबाने की कोशिश साफ नजर आई। हालांकि, लंबे समय तक चली हाउस अरेस्टिंग के बाद संगठन के वरिष्ठ पदाधिकारियों की सहमति और मुजफ्फरनगर प्रशासन के ठोस आश्वासन के बाद स्थिति में बदलाव आया। इसके पश्चात चौधरी शाह आलम के नेतृत्व में 10 सूत्रीय मांग पत्र मुख्यमंत्री के नाम खालापार थाना प्रशासन को सौंपा गया। किसान मोर्चा की 10 बड़ी मांगो में किसानों पर दर्ज फर्जी मुकदमों को तुरंत समाप्त किया जाए, प्राइवेट स्कूलों द्वारा किताब, यूनिफॉर्म और कोर्स के नाम पर हो रही अवैध वसूली पर रोक लगे, बिजली के स्मार्ट मीटर पर तत्काल प्रभाव से रोक लगाई जाए, फर्जी प्राइवेट अस्पतालों और पैथोलॉजी लैब की जांच कर सख्त कार्रवाई हो, मध्यम वर्गीय परिवारों के राशन कार्ड काटने की प्रक्रिया रोकी जाए और काटे गए कार्ड पुनः जारी हों, किसानों को समय पर सोसायटी से पर्याप्त मात्रा में खाद उपलब्ध कराई जाए, बिजली बिल में छूट से वंचित लोगों को भी राहत दी जाए, पश्चिमी उत्तर प्रदेश में गंगा-यमुना के बीच एम्स अस्पताल की स्थापना की जाए, मुजफ्फरनगर में फैक्ट्रियों द्वारा फैलाए जा रहे प्रदूषण पर तत्काल रोक लगे, प्रदेश में नशाखोरी के खिलाफ सख्त अभियान चलाया जाए आदि शामिल है। इसके अलावा चौधरी शाह आलम ने साफ शब्दों में कहा कि यदि इन मांगों पर जल्द सकारात्मक कार्रवाई नहीं हुई, तो संगठन बड़े स्तर पर आंदोलन करने को बाध्य होगा। उन्होंने प्रशासन के आश्वासन को फिलहाल स्वीकार किया है, लेकिन चेतावनी दी कि किसानों, मजदूरों और आम जनता के हितों के साथ कोई समझौता नहीं किया जाएगा।

By admin

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Verified by MonsterInsights