समाजवादी पार्टी (SP) के राष्ट्रीय अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और केंद्र की भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोला है। लखनऊ में एक इफ्तार पार्टी के दौरान मीडिया से बात करते हुए अखिलेश यादव ने राजनीति, बंगाल के घटनाक्रम और धार्मिक मुद्दों पर अपनी बेबाक राय रखी।

नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने पर कसा तंज
नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने की चर्चाओं पर प्रतिक्रिया देते हुए अखिलेश यादव ने कहा कि विपक्षी गठबंधन के साथी के तौर पर वे चाहते थे कि नीतीश कुमार देश के प्रधानमंत्री बनें। उन्होंने चुटकी लेते हुए कहा कि जो लोग राजनीति की गहरी समझ रखते हैं, वे जानते हैं कि भाजपा पहले दिन से क्या योजना बना रही है। हम तो चाहते थे कि नीतीश जी पीएम पद के उम्मीदवार बनें, लेकिन अब ऐसा लग रहा है कि वे राज्यसभा सांसद के तौर पर राजनीति से रिटायर होंगे।

पश्चिम बंगाल और यूपी चुनावों पर भविष्यवाणी
पश्चिम बंगाल के राज्यपाल सीवी आनंद बोस के इस्तीफे को लेकर पूछे गए सवाल पर अखिलेश ने केंद्र सरकार को घेरा। उन्होंने कहा कि अभी तो यह शुरुआत है। बंगाल और उत्तर प्रदेश के आगामी चुनावों के बाद इस्तीफों की झड़ी लग जाएगी। उन्होंने संकेत दिया कि चुनावी परिणामों के बाद कई बड़े संवैधानिक पदों पर बदलाव देखने को मिल सकते हैं।

‘गंगा-जमुनी तहजीब हमारी पहचान’
इफ्तार पार्टी के आयोजन के लिए मौलाना का आभार व्यक्त करते हुए सपा प्रमुख ने इसे भारतीय संस्कृति की जीत बताया। उन्होंने कहा कि एक साथ मिलकर त्योहार मनाना ही असली ‘गंगा-जमुनी तहजीब’ है। यह एकता दिखाती है कि भारत में अलग-अलग धर्मों और विचारों के लोग शांति और प्रेम के साथ एक ही जमीन पर रह सकते हैं।

शंकराचार्य के अपमान पर सरकार को घेरा
अखिलेश यादव ने शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद के मामले पर कड़ी नाराजगी जताई। उन्होंने जनता से अपील की कि वे इस स्थिति को गंभीरता से लें। उन्होंने कहा कि मौजूदा सरकार लोगों को डराकर और अपमानित करके काम कर रही है।शंकराचार्य जैसे सम्मानित पद पर आसीन व्यक्ति पर झूठे मुकदमे दर्ज करना बेहद पीड़ादायक है। इतिहास में कभी किसी सरकार ने शंकराचार्य का इस तरह अनादर नहीं किया होगा।

युद्ध पर समाजवादी पार्टी का रुख
वैश्विक तनाव और युद्ध की स्थितियों पर एक सवाल का जवाब देते हुए अखिलेश यादव ने स्पष्ट किया कि समाजवादी विचारधारा हमेशा शांति की पक्षधर रही है। उन्होंने कहा कि युद्ध केवल तबाही और दुख लेकर आता है, इसलिए समाजवादी पार्टी कभी भी युद्ध का समर्थन नहीं करती।

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