नीरज प्रजापति
मुजफ्फरनगर में राणा हाउस समेत तीन ठिकानों पर कार्रवाई, गाजियाबाद और फरीदाबाद में भी जांच; टैक्स चोरी और इनपुट टैक्स क्रेडिट में गड़बड़ी से जुड़ा मामला
मुजफ्फरनगर। पूर्व बसपा विधायक शाहनवाज राणा से जुड़े ठिकानों पर सोमवार सुबह प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की कार्रवाई से जिले के राजनीतिक और कारोबारी गलियारों में हलचल मच गई। ईडी की टीम ने मुजफ्फरनगर में राणा से जुड़े तीन ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की। टीम सुबह करीब आठ बजे कई वाहनों से पहुंची और कार्रवाई शुरू की। सुरक्षा व्यवस्था को देखते हुए सीआरपीएफ के जवानों के साथ पुलिसकर्मी भी तैनात रहे।
मेरठ रोड स्थित राणा हाउस, पूर्व विधायक से जुड़े अखबार के कार्यालय और मंडल टाउन स्थित जम्मूद्वीप इंपोर्ट-एक्सपोर्ट के कार्यालय को जांच के दायरे में लिया गया। कार्रवाई के दौरान बाहरी लोगों की आवाजाही पर रोक रही। ईडी अधिकारियों ने परिसरों में मौजूद दस्तावेजों और अन्य रिकॉर्ड की जांच की।
जीएसटी टीम पर हमले के मामले से भी जुड़ा रहा नाम
शाहनवाज राणा और उनके चाचा कादिर राणा की स्टील फैक्ट्री में दिसंबर 2024 में जीएसटी टीम द्वारा की गई छापेमारी के दौरान कथित हमले का मामला भी सामने आया था। इसी प्रकरण में शाहनवाज राणा को 5 दिसंबर 2024 को गिरफ्तार किया गया था। उनके चाचा कादिर राणा के बेटे शाह आजम के खिलाफ भी सिविल लाइंस थाने में कथित फर्जी कंपनी बनाकर धोखाधड़ी का मामला दर्ज हुआ था। दोनों मामलों में गिरफ्तारी के बाद उन्हें जेल भेजा गया था। शाहनवाज राणा को अगस्त 2025 में इलाहाबाद हाईकोर्ट से जमानत मिली थी।
पीएमएलए के तहत जांच का दावा
सूत्रों के मुताबिक, ईडी की मौजूदा कार्रवाई प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (पीएमएलए) के तहत की जा रही है। मामला कथित तौर पर इनपुट टैक्स क्रेडिट में हेराफेरी और टैक्स चोरी से जुड़ा बताया जा रहा है। जांच एजेंसी की टीमें दस्तावेजों और कारोबारी रिकॉर्ड को खंगाल रही हैं।
राणा हाउस में पूर्व सांसद कादिर राणा और पूर्व विधायक नूर सलीम राणा से जुड़े आवास भी बताए गए हैं। मुजफ्फरनगर के अलावा गाजियाबाद और फरीदाबाद के छह ठिकानों पर भी ईडी की कार्रवाई चलने की जानकारी सामने आई है। फिलहाल जांच जारी है और ईडी की ओर से कार्रवाई को लेकर विस्तृत आधिकारिक जानकारी सामने आना बाकी है।
