राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल ने शनिवार को कहा कि सुभाष चंद्र बोस चाहते थे कि भारतीय पक्षियों की तरह आजाद महसूस करें और उन्होंने देश की आजादी से कम पर कभी समझौता नहीं किया।

राष्ट्रीय राजधानी में नेताजी सुभाष चंद्र बोस स्मारक व्याख्यान देते हुए डोभाल ने कहा कि बोस न केवल भारत को राजनीतिक अधीनता से मुक्त करना चाहते थे, बल्कि उन्होंने लोगों की राजनीतिक, सामाजिक और सांस्कृतिक मानसिकता को बदलने की आवश्यकता भी महसूस की।

डोभाल ने कहा, नेताजी (सुभाष चंद्र बोस) ने कहा कि मैं पूर्ण स्वतंत्रता से कम किसी भी चीज के लिए समझौता नहीं करूंगा। उन्होंने कहा कि वह न केवल इस देश को राजनीतिक अधीनता से मुक्त करना चाहते थे, बल्कि देश की राजनीतिक, सामाजिक और सांस्कृतिक मानसिकता को बदलना भी चाहते थे।

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