लखनऊ। सपा सरकार के ड्रीम प्रोजेक्ट गोमती रिवर फ्रंट घोटाले की जांच में सीबीआई ने अपनी पड़ताल तेज करते हुए भ्रष्टाचार के आरोप में आ रहे अभियंताओं की संपत्ति पर एक बार फिर नजर टिका दी है। इसी क्रम में सीबीआई की एक टीम ने शुक्रवार को लखनऊ के विकासनगर में केनरा बैंक की शाखा में एक पूर्व मुख्य अभियंता के लाकर को खंगाला। जानकारी के अनुसार इस लाकर में मिले आभूषणों का वजन तौला गया और बरामद नकदी को जब्त किया गया। सीबीआई की तीन सदस्यीय टीम की इस कार्रवाई के दौरान बैंक शाखा का मुख्य द्वार बंद कर दिया गया और किसी को अंदर नहीं जाने दिया गया। लाकर खोले जाने की कार्रवाई आरोपी अभियंता व उनकी पत्नी की मौजूदगी में की गई। यह अभियंता छह वर्ष पूर्व सेवानिवृत्त हो चुके हैं। जांच अधिकारी अभी यह जानकारी नहीं दे रहे हैं कि लाकर से कितनी संपत्ति व नकदी बरामद हुई।

सीबीआई ने गोमती रिवर फ्रंट घोटाला मामले में पूर्व में 13 जिलों में 40 जगहों के अलावा राजस्थान के अलवर और पश्चिम बंगाल के कोलकाता में भी छापेमारी की थी। इसमें एक विधायक के भाई के गोरखपुर और लखनऊ स्थित ठिकाने भी शामिल थे। सपा सरकार के इस ड्रीम प्रोजेक्ट में करीब 1438 करोड़ खर्च हुए थे। इस प्रोजेक्ट पर तमाम आरोप लगे थे जिसके बाद एफआईआर दर्ज की गई थी और फिर ईडी व सीबीआई ने जांच की। सीबीआई पिछले माह ही इस मामले में दो पूर्व मुख्य सचिवों से पूछताछ करने के लिए राज्य सरकार से अनुमति मांगी है। इससे पूर्व सीबीआई अभी तक कई अभियंताओं, ठेकेदारों व परियोजना से जुड़े अन्य तमाम लोगों से पूछताछ कर चुकी है।

सीबीआई ने केस दर्ज करने के बाद सामने आए तथ्यों के आधार पर 20 नवंबर 2020 को सिंचाई विभाग के पूर्व अधीक्षण अभियंता रूप सिंह यादव और क्लर्क राजकुमार यादव को गिरफ्तार किया था। इनके अलावा कई और को भी सीबीआई अब तक गिरफ्तार कर चुकी है।

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