वाराणसी। शिव की नगरी काशी आध्यात्म और संस्कृति के साथ ही साथ धर्म की भी नगरी है। ऐसे में राम मंदिर में रामलला की प्राण प्रतिष्ठा के लिए शुभ मुहूर्त, पूजा पुरोहित, यजमान, यज्ञ पात्र, सहस्त्र कलश सभी वस्तुएं काशी से प्राण प्रतिष्ठा समारोह में भेजी गई हैं। इसी क्रम में काशी की बेटियों ने श्रीराम मंदिर में जलने वाला स्पेशल दीया गंगा की मिट्टी से तैयार किया है। इस दीये को तैयार करने में स्कूल की मुस्लिम बेटियों ने भी साथ दिया और उन्होंने इसे बनवाने से लेकर इसमें चित्रकारी और स्वस्तिक चिह्न भी बनाया है। मुस्लिम बेटियों की मानें तो राम सबके हैं वो किसी एक नहीं। हर पर्व और समारोह के पहले काशी से कौमी एकता का सन्देश देश और दुनिया को जाता है। इस दीये ने एक बार फिर इस सन्देश को प्रबल किया है।

इस स्पेशल दीपक को तैयार करने में छात्राओं के साथ पहले दिन से रहीं शमा खान ने बताया कि यह दीपक श्रीराम के मंदिर में जलाया जाएगा। इसे हमारी छात्राओं ने गंगा से मिट्टी लाकर करीब 15 दिन एक अथक प्रयासों से तैयार किया है। यह दीया 5 फुट लंबा, 4 फुट चौड़ा और 1.5 फुट ऊंचा बनाया गया है। इसपर पेण्ट से कलाकारी की गई है और श्रीराम दीपक लिखा गया है। इसे बनाने के बाद अपार खुशी मिली है। शमा ने बताया कि राम किसी एक के नहीं हम सभी के हैं और जब उत्तर प्रदेश में भव्य और दिव्य राम मंदिर बन रहा है तो हमारा भी फर्ज है कि हम भी कुछ ऐसा करें जिसे देश और दुनिये में यह सन्देश जाए कि यूपी में सब एक हैं और भारत में सभी धर्म सामान की अवधारणा जो राम राज से चली आ रही है वो आज भी कायम और बरकरार है।

काशी में बनकर तैयार हुआ यह दीपक बारिश की वजह से अभी कच्चा है, जैसे ही यह पक जाएगा वैसे ही इसे सावधानी के साथ 101 किलो देशी घी के साथ काशी से अयोध्या के लिए रवाना किया जाएगा। इस दीये को बनाने वाली छात्राओं में काफी उत्साह देखने को मिल रहा है। छात्राओं ने बताया कि इस कार्य की जब प्रबंधक मैम ने अनुमति दी तो खुशी का ठिकाना नहीं रहा। घर पर जब इस बात को बताया तो घर वाले भी खुश हुए। प्रभु श्रीराम के प्रयासों से हम यह कार्य करने में सफल हुए हैं और जिस दिन श्रीराम की अंगनाई में यह ख़ास दीपक जलाया जाएगा। उस दिन पूरे देश में प्रकाश फैलेगा।

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