मुंबई।आर्यन खान को नहीं फंसाने के बदले में रिश्वत मांगने को लेकर समीर वानखेडे को लेकर एक नया खुलासा हुआ है।  नॉरकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB) के मुंबई जोन के पूर्व डायरेक्टर के खिलाफ CBI ने एफआईआर दर्ज की है जिसमें आर्यन खान को नहीं फंसाने के बदले में 25 करोड़ की रिश्वत मांगने का आरोप लगाया है।

वहीं, FIR के मुताबिक, समीर वानखेड़े के इशारे पर ही गोसावी ने आर्यन खान मामले में 25 करोड़ की मांग की थी। इतना ही नहीं गोसावी ने 18 करोड़ में डील पक्की की थी और इसके लिए गोसावी ने 50 लाख रुपये पेशगी के तौर पर भी लिए थे। जांच में समीर वानखेड़े ने अपनी विदेश यात्रा के बारे में भी सही जानकारी नहीं दी थी। इसके अलावा समीर वानखेड़े के पास आय से अधिक संपत्ति भी प्राथमिकी में दर्ज है।

इससे पहले  सीबीआई ने समीर वानखेड़े सहित अन्य के मुंबई, दिल्ली और कानपुर में 29 परिसरों की तलाशी ली। कॉडर्लिया क्रूज़ ड्रग बस्ट मामले के दौरान वानखेड़े नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एनसीबी) मुंबई ज़ोन का नेतृत्व कर रहे थे। उन्होंने दो अक्टूबर 2021 की रात को मुंबई तट पर कॉडर्लिया जहाज पर छापा मारने के लिए अधिकारियों की एक टीम का नेतृत्व किया।

छापे में एनसीबी ने 13 ग्राम कोकीन, 5 ग्राम मेफेड्रोन, 21 ग्राम मारिजुआना, एमडीएमए की 22 गोलियां और 1.33 लाख रुपए नकद जब्त करने का दावा किया, जिसके बाद उन्होंने आर्यन खान सहित 17 लोगों को गिरफ्तार किया। सीबीआई की ओर से जारी एक बयान के अनुसार सीबीआई ने मुंबई जोन के एनसीबी के तत्कालीन जोनल निदेशक समीर वानखेड़े, एनसीबी के तत्कालीन अधीक्षक विश्वास विजय सिंह, तत्कालीन खुफिया अधिकारी आशीष रंजन, केपी गोसावी और अन्य के खिलाफ मामला दर्ज किया है। बयान में कहा गया है कि इन सभी लोगों ने अनुचित लाभ के लिए अन्य लोगों के साथ आपराधिक साजिश रची थी साथ ही कथित रूप से अभियुक्तों से रिश्वत के रूप में अनुचित लाभ प्राप्त किया।

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