कौशांबी जिले के मंझनपुर थाना क्षेत्र निवासी एक युवक को चोरी के एक ‘झूठे’ मुकदमे में फंसाकर जेल भेजने के आरोप में एक उपनिरीक्षक, दो कांस्टेबल, एक महिला कांस्टेबल और एक अज्ञात मुखबिर के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है। एक अधिकारी ने बताया कि मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (सीजेएम) की अदालत के आदेश पर यह कार्रवाई की है।

जानिए पूरा मामला 
मामला 19 दिसंबर 2024 का है जब थाना मंझनपुर क्षेत्र के गांव बाजापुर निवासी शाहिद अब्बास को पुलिस मोटरसाइकिल चोरी के आरोप में उसके एक रिश्तेदार के घर से उठाकर ले गई। अधिकारी ने बताया कि दो दिन तक थाने में रखने के बाद एक अन्य स्थान से गिरफ्तारी दिखाकर उसे जेल भेज दिया था। शाहिद अब्बास की पत्नी कनीज फातिमा ने इसकी शिकायत मंझनपुर कोतवाली पुलिस सहित पुलिस अधीक्षक से की थी, लेकिन सुनवाई नहीं होने पर उसने अदालत का रुख किया।

युवक को घर से उठाकर ले गई पुलिस 
इस मामले में सुनवाई के दौरान साक्ष्य के तौर पर सीसीटीवी फुटेज पेश किया, जिसमें पुलिस युवक को घर से ले जाती दिख रही है। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट दीपक जायसवाल ने सुनवाई के बाद मंझनपुर कोतवाली पुलिस को तत्काल मुकदमा दर्ज करने का आदेश दिया। थाना प्रभारी सुनील कुमार सिंह ने बताया कि अदालत के आदेश पर मंझनपुर थाना में उस समय तैनात रहे उप निरीक्षक संजय राय, कांस्टेबल अखिलेश यादव, कांस्टेबल फतेह बहादुर कुशवाहा, एक महिला कांस्टेबल और एक अज्ञात मुखबिर के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया तथा मामले की जांच की जा रही है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Verified by MonsterInsights