मुजफ्फरनगर में खादर के 21 गांव में सोलानी नदी का पानी चढ़ने से बाढ़ का खतरा मंडरा रहा है। खादर क्षेत्र के गांव में लगातार पानी बढ़ रहा है। जिससे इन गांवों का संपर्क जिले से टूटता जा रहा है। गांव वालों को खाने पीने का सामान सहित पशुओं के चारे का संकट उत्पन्न हो गया है। डीएम और सीडीओ ने राजस्व विभाग सहित अन्य विभागीय अधिकारियों को साथ लेकर कैंप रहे हैं। साथ ही राहत और बचाव का कार्य जारी है।

सोलानी नदी का जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर पहुंच गया है। पुरकाजी और शुकतीर्थ खादर में सैकड़ों बीघा फसलें जलमग्न हो गई है। गांवों तक पानी पहुंच गया है। मुख्य रास्तों पर जलभराव है। प्रशासन ने बचाव के लिए 10 बाढ़ चौकियां, 13 शरणार्थी स्थल और कंट्रोल रूम बनाया है। गुरुवार को डीएम अरविंद मल्लप्पा बंगारी ने सीडीओ को साथ लेकर बाढ़ संभावित क्षेत्र का निरीक्षण किए। दोनों अधिकारियों ने बाढ़ प्रभावित क्षेत्र में कैंप कर बचाव और राहत कार्य शुरू कराया।

इससे पहले गांव बैसली में फंसे 10 परिवारों को शरणार्थी शिविर तक सुरक्षित पहुंचा दिया गया। बुधवार रात से ही सोलानी नदी का जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर 226.06 मीटर पर पहुंच गया। पुरकाजी खादर क्षेत्र के गांव बैसली के कुछ घरों में सोनाली नदी का पानी आ गया था। गांव बुराईडी के प्रधान मनु ने बताया कि शेरपुर खादर क्षेत्र के 21 गांव बाढ़ की चपेट में है। बाढ़ प्रभावित गांव में खाने-पीने के सामान और रसोई गैस की दिक्कत होना शुरू हो गई है। पशुओं का चारा भी नहीं मिल पा रहा।

डीएम अरविंद मल्लप्पा बंगाली ने बताया कि राहत और बचाव कार्य शुरू हो गया है। एनडीआरएफ और एसआरएस की टीमें में बुलाई गई है। तहसील सदर में झबरपुर, अमरावाला, चमरावाला और जिंदावाला सहित जानसठ में बागो वाली घाट मजलिसपुर तौफिर आदि गांव प्रभावित हैं। बुढ़ाना में हिंडन नदी पर अटाली, कृष्णा नदी पर डूंगर समेत सभी चौकियां अलर्ट की गई है। 38 नाविक और गोताखोर की व्यवस्था की गई है।

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