बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने राज्यसभा जाने के लिए बीते गुरुवार (05 मार्च, 2026) को नामांकन कर दिया. हालांकि जेडीयू के कार्यकर्ताओं में इसको लेकर काफी गुस्सा है. आक्रोश जताया जा रहा है. आज (शुक्रवार) दूसरे दिन भी जेडीयू कार्यालय में कार्यकर्ताओं की भीड़ लगी रही. कार्यालय के बाहर पोस्टर लगाया गया है. पोस्टकार्ड लिखा जा रहा है.

पोस्टर में लिखा गया है, “नीतीश सेवक कर रहा पुकार, नेता करें अपने निर्णय पर पुनर्विचार”, इसके साथ ही नीतीश कुमार के नाम कार्यकर्ता पोस्टकार्ड के जरिए अपनी भावना लिख रहे हैं. एक कार्यकर्ता ने लिखा, “मुख्यमंत्री जी बिहार की जनता की भावना को समझिए और अपने निर्णय को वापस लीजिए.”

‘जनता के हित में नहीं है आपका निर्णय’

कार्यकर्ताओं ने साफ तौर पर कहा कि नीतीश कुमार ने जो निर्णय लिया है उससे बिहार की जनता और उनके चाहने वालों को आहत पहुंची है, इसलिए हम पोस्टकार्ड भेजकर उनको बताना चाह रहे हैं कि आपका निर्णय जनता के हित में नहीं है. इस निर्णय को वापस ले लीजिए. हजारों की संख्या में पोस्टकार्ड उनके यहां जाएगा. आज (शुक्रवार) जेडीयू कार्यालय परिसर में पोस्टकार्ड लिखा जा रहा है, यह कल (शनिवार) पहुंच जाएगा.

‘2030 में देंगे धोखा का जवाब’

एक कार्यकर्ता ने कहा कि निश्चित तौर पर नीतीश कुमार ने जो निर्णय लिया है वह कहीं न कहीं दबाव में लिया गया है. उनके इर्द-गिर्द रहने वाले लोगों ने धोखा दिया है, लेकिन हम लोग उनके धोखे का जवाब देंगे. 2030 में निशांत कुमार मुख्यमंत्री बनेंगे. यह जेडीयू कार्यकर्ताओं का दावा है. फिलहाल हम लोग यह चाह रहे हैं कि नीतीश कुमार अपना निर्णय वापस लें क्योंकि बिहार की जनता को जरूरत है.

बता दें कि अभी करीब एक महीने तक नीतीश कुमार बिहार के मुख्यमंत्री रहने वाले हैं. राज्यसभा जाने के फैसले और नामांकन के बाद आज मुख्यमंत्री ने शाम पांच बजे अपने आवास पर पार्टी के विधायकों और सांसदों की आपात बैठक बुलाई है. माना जा रहा है कि नीतीश कुमार सभी को अपने निर्णय के बारे में बताएंगे.

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