सिद्धार्थनगर जिले के भनवापुर ब्लॉक में कथित कूटरचित दस्तावेजों के आधार पर नौकरी हासिल करने वाले आठ शिक्षकों के खिलाफ कार्रवाई शुरू की गयी है। एक अधिकारी ने यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि शिक्षा विभाग की आंतरिक जांच में पाया गया है कि विभिन्न प्राथमिक विद्यालयों में प्रतिनियुक्त आठ शिक्षकों ने फर्जी दस्तावेजों का इस्तेमाल किया।

बेसिक शिक्षा अधिकारी (बीएसए) देवेंद्र कुमार पांडेय ने शुक्रवार को बताया कि कुछ महीने पहले रंजना कुमारी, अंकिता त्रिपाठी, बृजेश चौहान, रेनू देवी, भूपेश कुमार प्रजापति, बलराम त्रिपाठी, भूपेंद्र कुमार प्रजापति और राजेश चौहान नामक आठ लोगों को भनवापुर ब्लॉक के विभिन्न प्राथमिक विद्यालयों में शिक्षक के रूप में प्रतिनियुक्त किया गया था।  उन्होंने बताया कि इन लोगों ने बीएसए के फर्जी हस्ताक्षर वाले जाली प्रमाण पत्र प्रस्तुत करके खंड शिक्षा अधिकारी (बीएलओ) के कार्यालय से प्रतिनियुक्ति हासिल की थी। पांडेय ने बताया कि प्रतिनियुक्ति के बाद आरोपी प्राथमिक विद्यालयों में शिक्षक के रूप में काम करने लगे।

उन्होंने बताया कि आरोपी व्यक्ति पिछले कुछ दिनों से फरार हैं जबकि जांच में बीएलओ बिंदेश्वरी मिश्रा की भूमिका भी संदेह के घेरे में आ गई है, जिन्होंने दस्तावेजों की जांच किए बिना उन्हें प्रतिनियुक्ति पर भेज दिया। बीएसए ने कहा, ‘‘हम इस मामले में पुलिस में शिकायत भी दर्ज कराएंगे। मैंने बीएलओ के खिलाफ कार्रवाई के लिए बेसिक शिक्षा विभाग को भी लिखा है।”

 

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