पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस की सरकार जाने के बाद टीएमसी के नेताओं पर हमले शुरू हो गए हैं. पहले साउथ 24 परगना के सोनारपुर में टीएमसी महासचिव अभिषेक बनर्जी पर हमला हुआ और अब हुगली में ममता बनर्जी के करीबी सांसद कल्याण बनर्जी पर हमला हुआ है. हमले का वीडियो भी सामने आया है. Hooghly, West Bengal: TMC MP Kalyan Banerjee was reportedly attacked in Hooghly while going to submit a deputation at Chanditala Police Station. He was surrounded by protesters who showed black flags, raised slogans, and allegedly assaulted him during the incident pic.twitter.com/oYRP0YCr5d — IANS (@ians_india) May 31, 2026 खबरों के मुताबिक, हुगली में चंदिताला पुलिस स्टेशन में डेलीगेशन को लीड कर रहे टीएमसी सांसद कल्याण बनर्जी पर हमला किया गया. प्रदर्शनकारियों ने उन्हें घेर लिया, काले झंडे दिखाए, नारे लगाए और कथित तौर पर उन पर हमला किया. हालांकि, बीच में सुरक्षा कर्मियों और सहयोगियों ने कल्याण बनर्जी को बचाने की कोशिश की लेकिन इस दौरान सिर पकड़कर सड़क पर गिर गए ये भी पढ़ें: होर्मुज संकट के बीच भारत सरकार का बड़ा फैसला, पेट्रोल-डीजल पर घटाई एक्सपोर्ट ड्यूटी, अब कितना लगेगा टैक्स? अभिषेक बनर्जी पर हमला यह घटना ऐसे समय में सामने आई है जब हाल के दिनों में पश्चिम बंगाल में कई टीएमसी नेताओं के खिलाफ विरोध प्रदर्शन देखने को मिले हैं. इससे पहले दक्षिण 24 परगना जिले के सोनारपुर में सांसद अभिषेक बनर्जी के दौरे के दौरान भी भारी विरोध हुआ था. उस दौरान उनके ऊपर अंडे और अन्य वस्तुएं फेंके जाने तथा धक्का-मुक्की होने के आरोप लगे थे. हुगली की इस घटना को लेकर अभी तक पुलिस की ओर से विस्तृत आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है. वहीं, मामले को लेकर राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप शुरू हो गए हैं. टीएमसी नेताओं का आरोप टीएमसी नेताओं का कहना है कि पार्टी नेताओं को निशाना बनाया जा रहा है, जबकि विरोधी पक्ष का कहना है कि जनता अपने मुद्दों को लेकर विरोध दर्ज करा रही है. फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है और वायरल वीडियो के आधार पर भी घटनाक्रम की पड़ताल की जा रही है. हालांकि, इस बीच विपक्षी पार्टियों ने TMC को पूरे मामले में सपोर्ट किया है. अखिलेश यादव समेत राहुल गांधी ममता बनर्जी से बात की और सहयोग करने की बात की.

Byadmin

May 31, 2026

पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारत द्वारा चलाए गए ‘ऑपरेशन सिंदूर’ से पैदा हुए दबाव के बीच पाकिस्तान ने अमेरिका में अपनी लॉबिंग गतिविधियां तेज कर दी हैं। अमेरिकी विदेशी एजेंट पंजीकरण अधिनियम (FARA) के दस्तावेजों के अनुसार, पाकिस्तान ने 1 मई 2026 को अमेरिका की सरकारी संबंध और नीति सलाहकार कंपनी Ervin Graves Strategy Group LLC के साथ एक नया समझौता किया है। इस समझौते के तहत पाकिस्तान अगले 24 महीनों तक हर महीने 50,000 डॉलर का भुगतान करेगा। इस प्रकार पूरे अनुबंध की कुल कीमत लगभग 12 लाख डॉलर (करीब 10 करोड़ रुपए) है। इसके अलावा शुरुआत में तीन महीने की सेवाओं के लिए 1.5 लाख डॉलर अग्रिम भी दिए गए हैं।

समझौते के अनुसार यह फर्म अमेरिकी कांग्रेस के सदस्यों, उनके सहयोगियों और विदेश नीति, रक्षा, व्यापार तथा बजट से जुड़े संसदीय समितियों के साथ संपर्क स्थापित करेगी। पाकिस्तान चाहता है कि उसे अमेरिका में आतंकवाद-रोधी सहयोगी और क्षेत्रीय स्थिरता के साझेदार के रूप में प्रस्तुत किया जाए। हालांकि भारत लगातार अंतरराष्ट्रीय मंचों पर पाकिस्तान पर सीमा पार आतंकवाद को बढ़ावा देने का आरोप लगाता रहा है। हाल ही में संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में भारत के स्थायी प्रतिनिधि Harish Parvathaneni ने कहा था कि पाकिस्तान आतंकवाद, धार्मिक कट्टरता और भारत विरोधी गतिविधियों को लगातार संरक्षण देता रहा है।

FARA रिकॉर्ड के अनुसार, ऑपरेशन सिंदूर के बाद पाकिस्तान ने अमेरिकी सांसदों, रक्षा विशेषज्ञों, ट्रेजरी अधिकारियों, राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकारों और पत्रकारों के साथ दर्जनों बैठकें और संपर्क स्थापित किए थे। मई 2025 में केवल कुछ दिनों के भीतर लगभग 60 संपर्क दर्ज किए गए थे। विश्लेषकों का मानना है कि भारत द्वारा पाकिस्तान और पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoJK) में आतंकी ढांचे पर कार्रवाई के बाद इस्लामाबाद ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी छवि बचाने और अमेरिकी समर्थन बनाए रखने के लिए लॉबिंग तेज की है।

 

नए समझौते के तहत लॉबिंग फर्म को Congressional Pakistan Caucus को मजबूत करने के साथ-साथ अमेरिकी कांग्रेस के प्रभावशाली समूहों के साथ भी संपर्क बढ़ाने का जिम्मा दिया गया है। समझौते में अमेरिकी विदेश मंत्रालय, रक्षा मंत्रालय, वाणिज्य मंत्रालय, कृषि मंत्रालय, ट्रेजरी विभाग, ऊर्जा विभाग और अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि कार्यालय (USTR) के साथ नियमित संपर्क बनाए रखने की भी योजना शामिल है। विशेषज्ञों का मानना है कि पश्चिम एशिया और दक्षिण एशिया में बदलते भू-राजनीतिक समीकरणों के बीच पाकिस्तान अमेरिका में अपने रणनीतिक महत्व को फिर से स्थापित करने की कोशिश कर रहा है।

By admin

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Verified by MonsterInsights