बिनौली: बरनावा वन ब्लाक के शाहपुर बाणगंगा गांव के जंगल से वन माफिया द्वारा पचास से अधिक हरे पेड़ काटे जाने की ग्रामीणों की शासन प्रशासन व वन विभाग के आला अधिकारियों की शिकायत पर डीएफओ द्वारा गठित टीम ने शुक्रवार की जंगल में जाकर अवैध कटान की जांच की।
बडौत तहसील के अंतर्गत बरनावा वन ब्लाक के शाहपुर बाणगंगा, संतनगर, खपराना, बरनावा सहित
कई गांवों के जंगल में सेंकड़ों हेक्टेयर भूमि में वन क्षेत्र है। जिसमे विभिन्न प्रजातियों के पेड़ लगे हैं। माफिया इन गांवों के वन से स्थानीय वन कर्मियों व पुलिस से मिलीभगत करके हरे पेडों का धडल्ले से कटान करते रहते हैं। ऐसा ही एक मामला शाहपुर बाणगंगा के वन क्षेत्र में सामने आया है। जहां पिछले चार माह पूर्व माफिया ने जूली फ्लोरा व बबूल के करीब 80
हरे पेड़ काट लिए। उस समय कुछ ग्रामीणों ने शिकायत की तो वन रेंजर बडौत ने तीन पेड़ों के कटने का केस दर्ज करने की कार्रवाई कर दी। जिससे क्षुब्ध ग्रामीणों ने ग्रामीणों ने डीएम से मिलकर उन्हे एक लिखित शिकायती पत्र के साथ काटे गए पेड़ो के चित्र भी संलग्न कर दिए। इसके अलावा सीएम पोर्टल व वन विभाग के आला अधिकारियों को शिकायत कर दी। जिससे वन विभाग में हडकंप मच गया। अवैध कटान की शिकायत के मामले में डीएफओ ने प्रथम दृष्ट्या दोषी पाए जाने पर वन रक्षक मोहित को सस्पेंड कर दिया तथा एक जांच टीम गठित कर दी। एसडीओ मेरठ अंशु चावला के नेतृत्व में जांच टीम शाहपुर बाणगंगा वन क्षेत्र में पहुंची। जहां ग्रामीणों ने काटे गए सभी पेडों के ठूठ अधिकारियों को दिखाए तथा बडौत रेंजर पर भी सूचना के बाद भी कोई कार्रवाई नही करने के आरोप लगाए। इस दौरान आरओ मेरठ वन दरोगा मनोज कुमार, वन रक्षक संजय कुमार, महेंद्र, मोहित, धर्मपाल, सतेंद्र, राजेंद्र, लीलु, रघुनंदन आदि मौजूद रहे।
वन क्षेत्र में पेड़ों के कटान की शिकायत मिली थी। जांच में वन रक्षक मोहित चौधरी की लापरवाही सामने आई है। जिसके चलते उसे निलंबित किया गया है। अभी प्रकरण की विभागीय जांच कराई जा रही है।

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