उत्तर प्रदेश में एटा जिले के ढाकपुरा गांव में उस समय तनाव फैल गया जब जाटव समाज की एक दलित बेटी की बारात को गांव के मुख्य रास्ते से ले जाने पर विवाद हो गया। आरोप है कि ठाकुर समाज के कुछ लोगों ने बारात को पारंपरिक मार्ग से गुजरने से रोकने की कोशिश की।

सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, दरअसल 21 जून की रात जाटव समाज की बेटी की बारात गांव पहुंची थी। जब बारात गांव के मुख्य मार्ग से होकर निकल रही थी, तभी ठाकुर समाज के कुछ लोगों ने उसे रोकने का प्रयास किया। इस बात को लेकर दोनों पक्षों में कहासुनी और नोकझोंक हो गई। देखते ही देखते माहौल तनावपूर्ण हो गया। सूचना मिलने पर मौके पर पुलिस पहुंची और दोनों पक्षों को समझाया। पुलिस की मौजूदगी में किसी तरह मामला शांत कराया गया और शादी की रस्में पूरी हुईं। इसके बाद दुल्हन की विदाई भी शांतिपूर्वक करा दी गई।

दलित परिवार का आरोप
परिवार का कहना है कि उन्हें सामाजिक भेदभाव का सामना करना पड़ा और बारात को सिर्फ इसलिए रोका गया क्योंकि वह दलित समाज से हैं। उनका कहना है कि गांव में ठाकुर समाज के कुछ लोग अब भी पुराने जातिगत भेदभाव को मानते हैं।

पुलिस और प्रशासन का बयान
एसएसपी एटा, श्याम नारायण सिंह ने बताया कि गांव में फिलहाल स्थिति पूरी तरह शांत है। किसी तरह की हिंसा या उपद्रव की कोई खबर नहीं है। उन्होंने बताया कि पुलिस मौके पर तैनात है और निगरानी बनाए हुए है। जिला प्रशासन ने सभी ग्रामीणों से शांति बनाए रखने की अपील की है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Verified by MonsterInsights