केंद्रीय गृह राज्य मंत्री बंडी संजय कुमार के बेटे बंडी भगीरथ को साइबराबाद पुलिस ने शनिवार रात एक नाबालिग लड़की के यौन उत्पीड़न (पॉक्सो एक्ट) के मामले में गिरफ्तार कर लिया है। गिरफ्तारी के बाद भगीरथ को मजिस्ट्रेट के सामने पेश किया गया जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत (जेल) में भेज दिया गया है। इस हाई-प्रोफाइल मामले के बाद तेलंगाना की राजनीति में भूचाल आ गया है।

इस बीच, तेलंगाना रक्षा सेना (टीआरएस) की अध्यक्ष के. कविता ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को पत्र लिखकर केंद्रीय मंत्रिमंडल से गृह राज्य मंत्री संजय कुमार को हटाने की मांग की। पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया, पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। मध्यरात्रि के बाद जारी एक विज्ञप्ति में साइबराबाद के पुलिस आयुक्त ने सूचना दी कि भगीरथ को पकड़ने के लिए करीमनगर, दिल्ली और अन्य स्थानों पर अलग अलग टीम भेजी गई थी।

टीम ने उसके परिचितों के घर समेत उन अन्य स्थानों की भी तलाशी ली जहां आरोपी अक्सर जाता था। विश्वस्त सूचना मिली थी भगीरथ हैदराबाद में पुलिस अकादमी के पास है जिसके आधार पर नाकाबंदी की गई।साइबराबाद पुलिस की विशेष अभियान टीम (एसओटी) ने शनिवार रात नरसिंगी पुलिस थाना क्षेत्र के मंचिरेवुला में भगीरथ को गिरफ्तार कर लिया। उसे हिरासत में ले लिया गया। इसके बाद उसे पेटबशीरबाद थाने ले जाया गया। भगीरथ से जांच अधिकारी ने पंच गवाहों (निष्पक्ष नागरिकों) की उपस्थिति में पूछताछ की। विज्ञप्ति में कहा गया, आरोपी ने अपना जुर्म कबूल कर लिया है। इसलिए, जांच अधिकारी ने उसे गिरफ्तार कर लिया।

चिकित्सा जांच के बाद भगीरथ को मजिस्ट्रेट के समक्ष पेश किया गया जिन्होंने उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया। इससे पहले दिन में साइबराबाद पुलिस ने भगीरथ के खिलाफ लुकआउट सर्कुलर जारी किया था और पुलिस टीम ने उसकी तलाश के लिए देशभर में तलाशी अभियान चलाया था। जांच के तहत कथित पीड़िता (17) और उसकी मां के बयान शनिवार को मजिस्ट्रेट के समक्ष दर्ज किए गए। पीड़िता की मां इस मामले में शिकायतकर्ता है।

बयान इसलिए दर्ज किया गया ताकि विश्वसनीय दस्तावेजीकरण सुनिश्चित हो और व्यक्तियों को मुकदमे के दौरान अपने बयान बदलने से रोका जा सके। हालांकि, बंडी संजय ने कहा कि उन्होंने अपने बेटे को पुलिस के सामने पेश होने और जांच में सहयोग करने के लिए कहा है। केंद्रीय मंत्री ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, सत्यमेव जयते। कानून और न्यायपालिका के प्रति पूर्ण सम्मान के साथ, आज मेरे बेटे बंडी भगीरथ हमारे वकीलों के माध्यम से जांच के लिए तेलंगाना पुलिस के समक्ष पेश हुए।

यह घटनाक्रम तेलंगाना उच्च न्यायालय द्वारा मामले में भगीरथ को अंतरिम राहत देने से इनकार किये जाने के एक दिन बाद हुआ है। बंडी संजय ने एक बयान में कहा कि उन्होंने पिछले सप्ताह शिकायत दर्ज होने के तुरंत बाद अपने बेटे से पुलिस के साथ सहयोग करने का आग्रह किया था। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि भगीरथ ने बार-बार कहा है कि उन्होंने कोई गलत काम नहीं किया है।

भगीरथ ने अपने वकीलों के सामने अपने पक्ष में सबूत पेश किए। बंडी संजय के अनुसार, वकीलों का मानना ​​था कि मामला खारिज कर दिया जाएगा और भगीरथ को जमानत मिल जाएगी जिसके कारण देरी हुई। इस बीच, तेलंगाना रक्षा सेना (टीआरएस) की अध्यक्ष के. कविता ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को पत्र लिखकर केंद्रीय मंत्रिमंडल से गृह राज्य मंत्री संजय कुमार को हटाने की मांग की ताकि उनके बेटे से जुड़े पॉक्सो के मामले में निष्पक्ष और स्वतंत्र जांच सुनिश्चित की जा सके।

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भगीरथ को एक बड़ा झटका देते हुए तेलंगाना उच्च न्यायालय ने शुक्रवार रात उसकी गिरफ्तारी से अंतरिम सुरक्षा की याचिका खारिज कर दी। भगीरथ द्वारा दायर अग्रिम जमानत याचिका पर सुनवाई करते हुए अदालत ने कहा कि वह इस स्तर पर कोई अंतरिम राहत देने की इच्छुक नहीं है। भगीरथ के वकील ने याचिका पर आदेश पारित होने तक गिरफ्तारी से अंतरिम सुरक्षा का अनुरोध किया था। पुलिस ने भगीरथ के खिलाफ आठ मई को भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) और यौन अपराधों से बच्चों का संरक्षण (पॉक्सो) अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत दर्ज किया गया है। शिकायत 17 वर्षीय लड़की की मां ने दर्ज कराई थी, जिसमें आरोप लगाया गया था कि भगीरथ के उसकी बेटी के साथ संबंध थे और उसने यौन उत्पीड़न किया है।

लड़की का बयान दर्ज करने के बाद पॉक्सो अधिनियम के तहत और भी गंभीर आरोप लगाए गए। भगीरथ ने भी शिकायत दर्ज कराई थी जिसमें उसने आरोप लगाया था कि उससे जान-पहचान करने के बाद लड़की उसे पारिवारिक समारोहों और सामूहिक सभाओं में आमंत्रित करती थी। उसकी शिकायत के आधार पर प्राथमिकी दर्ज की गई। शिकायत में भगीरथ ने कहा कि लड़की के परिवार को भरोसेमंद मानकर वह अपने कुछ दोस्तों संग उनके साथ कुछ धार्मिक स्थलों की यात्रा पर गए थे। उसने आरोप लगाया कि लड़की और उसके माता-पिता ने बाद में उन पर शादी करने का दबाव डाला।

जब प्रस्ताव ठुकरा दिया, तो लड़की के माता-पिता ने कथित तौर पर रुपयों की मांग की और धमकी दी कि अगर रुपये नहीं दिए तो वे उनके खिलाफ झूठी शिकायतें दर्ज करा देंगे। भगीरथ ने दावा किया कि डरकर उसने लड़की के पिता को 50,000 रुपये दे दिए लेकिन परिवार ने बाद में पांच करोड़ रुपये की मांग की। उसने यह भी आरोप लगाया कि उन्होंने धमकी दी कि अगर उनकी मांगें पूरी नहीं कीं तो लड़की की मां आत्महत्या कर लेगी।

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