कानपुर का करौली आश्रम में एक बार फिर विवादों में आ गया है। आश्रम के कमरे में ग्रेटर नोएडा के एक कारोबारी की संदिग्ध हालात में मौत हो गई। इसके बाद सेवादारों में पुलिस को सूचना दिए बिना खुद ही दरवाजा तोड़कर शव को निकाल लिया। पुलिस ने इस मामले की जांच शुरू कर दी है।

डॉक्टरों के पैनल और वीडियोग्राफी के साथ शव का पोस्टमॉर्टम किया गया। मौत का कारण स्पष्ट न होने के कारण मृतक का विसरा सुरक्षित रख लिया गया है। इससे पहले आश्रम में नोएडा के एक डॉक्टर से मारपीट के बाद विवाद खड़ा हो गया था।

ग्रेटर नोएडा के एनएसजी अपार्टमेंट निवासी प्रॉपर्टी डीलर देवेंद्र सिंह भाटी पांच दिन पहले करौली बाबा उर्फ डॉ. संतोष सिंह भदौरिया के आश्रम में आए हुए थे। 30 अप्रैल की सुबह साढ़े सात बजे वह कमरे से निकले और रात नौ बजे वापस कमरे में गए। जब वह बाहर नहीं निकले तो सेवादारों को कुछ शक हुआ। मोबाइल कैमरे में रिकॉर्डिंग करते हुए हथौड़ी और कुल्हाड़ी से कमरे का गेट तोड़ा गया। आश्रम में तैनात कर्मी गोपाल गुप्ता के मुताबिक, कमरा तोड़ने पर देवेंद्र सिंह का शव फर्श पर पेट के बल पड़ा हुआ था।

सेवादारों ने उन्हें सीधा किया तब पता चला कि उनकी मौत हो गई। इसके बाद कैनाल रोड कलक्टरगंज निवासी गोपाल गुप्ता बिधनू थाने पहुंचे और पुलिस को लिखित सूचना दी।

फॉरेंसिक टीम प्रभारी के मुताबिक, मृतक बाएं पैर के अंगूठे पर खरोच थी। नाक से खून आ रहा था और दाहिने हाथ पर सलाइवा और खून के निशान मौजूद मिले। देवेंद्र सिंह भाटी के परिवार ने इस मामले में कुछ भी कहने से मना कर दिया है। डीसीपी साउथ सलमान ताज पाटिल ने बताया कि परिवार वालों ने अभी तक तहरीर नहीं दी है। मौत का कारण स्पष्ट नहीं है। परिवार वाले कुछ भी लिखकर देते हैं तो उसकी जांच कराकर कार्रवाई की जाएगी।

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