एनआईए ने दिल्ली के लाल किले इलाके में नवंबर 2025 में हुए कार बम धमाके मामले में 10 आरोपियों के खिलाफ 7,500 पन्नों की चार्जशीट दाखिल की है. इस धमाके में 11 लोगों की मौत हुई थी और कई लोग घायल हुए थे. जांच एजेंसी का कहना है कि यह हमला बेहद सुनियोजित आतंकी साजिश का हिस्सा था.
चार्जशीट के मुताबिक, सभी आरोपी कथित तौर पर Ansar Ghazwat-ul-Hind से जुड़े थे, जिसे अल-कायदा से प्रेरित संगठन बताया गया है. मुख्य आरोपी Dr. Umer Un Nabi की धमाके में ही मौत हो गई थी. उसके अलावा 9 अन्य आरोपियों के नाम भी चार्जशीट में शामिल किए गए हैं.
जांच में सामने आया कि आरोपियों ने 2022 में श्रीनगर में गुप्त बैठक कर संगठन को दोबारा सक्रिय किया और ऑपरेशन हेवनली हिंद नाम से देश में बड़े आतंकी हमलों की साजिश रची.
एजेंसी के अनुसार इस योजना का मकसद देश की लोकतांत्रिक व्यवस्था को नुकसान पहुंचाना और कट्टरपंथी शासन लागू करना था.
NIA का दावा है कि आरोपियों ने बाजार में आसानी से मिलने वाले रसायनों से टीएटीपी (जैसे विस्फोटक तैयार किए. यही विस्फोटक कार बम में इस्तेमाल किया गया था. जांच के दौरान दिल्ली, हरियाणा, जम्मू-कश्मीर समेत कई राज्यों में छापेमारी कर सबूत जुटाए गए.
एजेंसी ने बताया कि कुछ आरोपी पेशे से डॉक्टर थे और कट्टरपंथी विचारधारा से प्रभावित होकर इस मॉड्यूल में शामिल हुए. उनके पास अवैध हथियार, जैसे AK-47, क्रिंकोव राइफल और देसी पिस्तौल भी मिलीं. जांच में यह भी सामने आया कि वे ड्रोन और रॉकेट के जरिए विस्फोटक हमलों की तैयारी कर रहे थे.
अब तक इस मामले में 11 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है, जबकि कुछ अन्य संदिग्धों की तलाश जारी है. NIA का कहना है कि यह जांच अभी जारी है और फरार आरोपियों को पकड़ने की कोशिश की जा रही है.
