उत्तर प्रदेश के मेरठ शहर से यूपी एसटीएफ (UP STF) की टीम ने एक पिता और उसके पुत्र को गिरफ्तार किया है। आरोप है कि पिता-पुत्र मिलकर अवैध पिस्टल और तमंचों का निर्माण कर रहे थे। दोनों पिस्टल बनाकर बेचते थे तथा माफियाओं को सप्लाई करते थे। इस काम में उन्होंने अपने एक पड़ोसी की भी मदद थी।

मामला मेरठ के थाना लिसाड़ी गेट क्षेत्र का है। यहां के रहने वाले मोइनुद्दीन और तौसीफ पिता पुत्र हैं और पिछले काफी समय से लोहे का कारोबार करते थे। लेकिन पिछले कुछ समय से लोहे के कारोबार में मंदी आ गई। दोनों दिनभर दुकान पर बैठे रहे थे और इतना पैसा भी नहीं कमा पा रहे थे कि घर का खर्च अच्छी तरह से हो सके। जिस पर पिता तौसीफ कुछ दिनों के लिए मुंगेर चला गया और वहां से पिस्टल बनाने का काम सीखकर आ गया। इसके बाद पिता तौसीफ और उसके बेटे मोइनुद्दीन ने अवैध रुप से पिस्टल बनाने का काम शुरू कर दिया। अपने इस काम में दोनों अपने पड़ोस में ही रहने वाले आसिफ और उसके साथियों का सहयोग भी लिया।

यूपी एसटीएफ टीम द्वारा दोनों को गिरफ्तार कर लिया गया है। दोनों ने पुलिस को बताया कि उनका पहले लोहे का व्यापार था, लेकिन काम में घाटा होने लगा तो उन लोगों ने अवैध पिस्तौल बनाना शुरू कर दिया। इस काम में उनके पड़ोस में रहने वाले आसिफ ने मदद की।

दोनों मिलकर पिस्तौल बनाते और उसे 20 से 22 हजार रुपये में आसिफ या उसके साथियों को बेच देते थे। बाद में वे लोग आगे पिस्टल को 30 से 35 हजार में बेच देते। आरोपियों ने बताया कि अब तक के 60 से 70 पिस्टल बनाकर बेच चुके हैं।

पूछताछ में पिता तौसीफ ने बताया कि ‘वो मुंगेर से पिस्टल बनाने का काम सीख कर यहां आया था और अपनी अवैध हथियार बनाने की फैक्ट्री बनाई। पिछले एक साल से अवैध हथियारों को बनाने का काम कर रहा था। बेटा मोइनुद्दीन व्हाट्सएप के जरिये हथियारों की सप्लाई करता था। आरोपी ने फैक्ट्री घर पर ही लगाई हुई थी।

एडीजी एसटीएफ अमिताभ यश के अनुसार, गुप्त सूचना मिली थी कि दोनों बाप-बेटा मिलकर अवैध पिस्टल बनाने का धंधा करते हैं। पुलिस ने उनकी फैक्ट्री में छापेमारी की और दोनों को अवैध पिस्टल बनाते हुए रंगेहाथों गिरफ्तार कर लिया। दोनों से पूछताछ की जा रही है। कोर्ट में पेश करके उन्हें जेल भेज दिया जाएगा।

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