दिल्ली में एक निजी संस्थान में 17 छात्राओं का यौन उत्पीड़न करने के आरोपी चैतन्यानंद सरस्वती से मंगलवार को उसकी दो महिला सहयोगियों के साथ बैठाकर पूछताछ की गई। पुलिस ने यह जानकारी दी।

पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि चैतन्यानंद की इन महिला सहयोगियों ने कथित तौर पर पीड़ितों को धमकाया था और उन पर चैतन्यानंद की ओर से भेजे गए अश्लील संदेश डिलीट करने का दबाव बनाया था।

पुलिस को 62 वर्षीय सरस्वती के फोन में कई महिलाओं के साथ ‘चैट’ (संदेश) मिली हैं, जिसमें झूठे वादों से उन्हें लुभाने की कोशिश की गई थी।

अधिकारी ने बताया कि उसके फोन में एयरहोस्टेस के साथ उसकी कई तस्वीरें और महिलाओं की डिस्प्ले पिक्चर्स (डीपी) के ‘स्क्रीनशॉट’ भी थे।

राष्ट्रीय राजधानी में एक केंद्र द्वारा अनुमोदित निजी संस्थान के अध्यक्ष पद पर रहते हुए इस स्वयंभू बाबा ने कथित तौर पर अपने आपराधिक कारनामे जारी रखे।

अधिकारी ने कहा कि सरस्वती जांच में सहयोग नहीं कर रहा है और जांच अधिकारियों को गुमराह कर रहा है।

उन्होंने कहा, ‘‘उसे अपने किए पर कोई पछतावा नहीं है और वह गोलमोल जवाब दे रहा है।’’ उन्होंने बताया कि संस्थान में अलग-अलग पदों पर कार्यरत उसकी दो महिला सहयोगियों से पूछताछ की जा रही है साथ ही उनसे चैतन्यानंद के आमने-सामने बैठा कर भी पूछताछ की जा रही है।

पुलिस ने बताया कि सरस्वती ने पूछताछ के दौरान बार-बार झूठ बोला, यहां तक कि सबूतों को सामने पेश किए जाने पर भी उसने झूठ बोला। उन्होंने बताया कि जब उसे दस्तावेज और डिजिटल सबूत दिखाए जाते हैं तो वह अनमने ढंग से जवाब देता है।

सोमवार को उसे संस्थान के परिसर में भी ले जाया गया ताकि उन जगहों पता चल सके जहां से वह पीड़िताओं को फोन किया करता था।

कई दिनों फरार रहने के बाद सरस्वती को रविवार को आगरा के एक होटल से गिरफ्तार किया गया था।

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