मैनचेस्टर सिटी ने शनिवार को खेले गए एफए कप के फाइनल में अपने सबसे बड़े प्रतिद्वंदी मैनचेस्टर यूनाइटेड को बेहद रोमांचक मुकाबले में 2-1 से शिकस्त देकर खिताब जीत लिया। मैनचेस्टर सिटी की टीम ने चार साल के बाद एफए कप जीता है। इस तरह से मैनचेस्टर सिटी ने कुल सातवीं बार इस खिताब पर अपना कब्जा किया। खास बात यह है कि दोनों टीमेें पहली बार किसी मेजर टूर्नामेंट के फाइनल में आमने-सामने थी। वहीं, 12 बार की पूर्व चैंपियन मैनचेस्टर यूनाइटेड का 2016 के बाद खिताब जीतने का सपना टूट गया।
यहां बता दें कि हाल ही में मैनचेस्टर सिटी ने इंग्लिश प्रीमियर लीग का खिताब अपने नाम किया था। इस तरह से टीम ने 2018-19 के बाद दूसरी बार मैनचेस्टर सिटी ने एफए और प्रीमियर लीग खिताब एक साथ जीतते हुए इतिहास रच दिया है।

मैनचेस्टर सिटी के पास खिताबी हैट्रिक बनाने का मौका है। टीम 10 जून को इंटर मिलान के खिलाफ यूएफा चैंपियंस लीग का फाइनल खेलने के लिए उतरेगी। जिस फॉर्म में मैनचेस्टर सिटी की टीम खेल रही है, उससे इंटर मिलान के खिलाफ उसका पलड़ा भारी लग रहा है।

एक गोल से पिछड़ी मैनचेस्टर यूनाइटेड ने 33वें मिनट में ब्रूनो फर्नांडेज के गोल से स्कोर 1-1 से बराबर कर दिया। लेकिन, गुडोगन का जादू फिर चला। उन्होंने मैच के 51वें मिनट में गोल करके मैनचेस्टर सिटी को 2-1 से आगे कर दिया। सिटी के लिए ये स्कोर मैच विजयी साबित हुआ। मैनचेस्टर सिटी की जीत के हीरो जर्मनी के स्टार मिडफील्डर इल्के गुडोगन रहे, जिन्होंने टीम के लिए दोनों गोल किए।

गुडोगन ने मैच शुरू होने के 12वें सेकेंड में गोल करके मैनचेस्टर यूनाइटेड को स्तब्ध कर दिया और अपनी टीम को 1-0 की बढ़त दिला दी। गुडोगन एफए कप के फाइनल में सबसे तेज गोल करने वाले खिलाड़ी बन गए। उन्होंने लुइस साहा का 25 सेकेंड का रेकॉर्ड तोड़ा।

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