मुज़फ्फरनगर। मुज़फ्फरनगर में कुछ दिनों पहले नई मंडी थानाक्षेत्र के श्री राम कॉलेज के पास एक व्यक्ति अशोक सैनी की हत्या के मामले में पुलिस ने एक फर्जीवाड़े का भंडाफोड़ किया है। जिसमें पुलिस ने सपा नेता विनय पाल प्रमुख, संजय कश्यप और सचिन कश्यप को गिरफ्तार किया है। उन्होंने फर्जी पावर ऑफ अटर्नी तैयार कर मोटी रकम ऐंठने का प्रयास किया था। जिसमें पुलिस ने आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है।

एसपी सिटी सत्यनारायण प्रजापति ने जानकारी देते हुए बताया कि 3 माह पूर्व यशपाल नाम के एक व्यक्ति ने थाना नई मंडी पर एक तहरीर दी की उसने श्रीराम कॉलेज के पास स्थित एक जमीन का सौदा किया था। जमीन लेने वाली पार्टी मुकर गई और जो डेढ़ करोड़ रूपया एडवांस लिया गया था उसमें पीड़ित व्यक्ति के साथ धोखाधड़ी हुई। उन्होंने बताया कि उस जमीन के मालिक अशोक सैनी की हत्या हो गई जिसका मुकदमा थाना नई मंडी में अलग से दर्ज है। एसपी सिटी सत्यनारायण प्रजापति ने बताया कि 3 लोगों को गिरफ्तार किया है। उनसे जब पूछताछ की गई तो उन्होंने फर्जीवाड़े का खुलासा करते हुए बताया कि विनयपाल प्रमुख, संजय कश्यप, सचिन गुर्जर, ललित बालियान इन 4 लोगों ने मिलकर अशोक सैनी की जमीन पर एक फर्जी पावर ऑफ अटॉर्नी तैयार करवाने के लिए यह लोग गाजियाबाद जाते हैं। वहां जाकर कुछ फर्जी किरदार ढूंढता है जो नकली अशोक सैनी के रूप में काम कर सके और दो फर्जी गवाह ढूंढते हैं। जिसके बाद गाजियाबाद से एक फर्जी पावर ऑफ अटॉर्नी अगस्त 2022 में तैयार करवाते हैं। इसी पावर ऑफ अटॉर्नी को बेस बनाकर यह लोग अलग-अलग कस्टमर ढूंढता है जो 10.5 बीघा जमीन को खरीद सके।

इस जमीन को खरीदने के लिए यशपाल नाम का एक व्यक्ति इन फर्जी पावर ऑफ अटॉर्नी को मिलता है जो बेस रकम के तौर पर डेढ़ करोड़ रूपया अलग-अलग बैंक अकाउंट में जमा कराते हैं। पुलिस ने इस मामले में जब जांच की तो बैंक में जो पैसा गया था उसको होल्ड करवा दिया है।  विवेचना में सभी तथ्यों को एक-एक करके लेकर आया गया। उन्होंने बताया कि थाना नई मंडी पुलिस ने इस प्रकरण में तीन अभियुक्तों की गिरफ्तारी की है जिनके नाम पूर्व ब्लाक प्रमुख विनय कुमार, सचिन गुर्जर, और संजय कश्यप को गिरफ्तार किया है। एसपी सिटी सत्यनारायण प्रजापति ने बताया कि ललित बालियान जो इस संपत्ति का वारिस बनता है। वह इस मुकदमे में कोर्ट में सरेंडर कर देता है। और उसको भी पुलिस कस्टडी रिमांड पर लिया गया था उसने भी इस पूरे फर्जीवाड़े की कहानी बताई थी।

एसपी सिटी ने बताया कि डेढ़ करोड़ रूपया जो फर्जी अकाउंट में गया था वह अकाउंट पर किसी अशोक कुमार के नाम से था इस बिंदु पर थाना नई मंडी पुलिस अलग से तफ्तीश कर रही है। कहा कि इस अकाउंट से डेढ़ करोड़ रूपया अलग-अलग अकाउंट में गया उन सभी तथ्यों को विवेचना में शामिल किया जाएगा और बैंक के जो भी कर्मचारी इस प्रकरण में संलिप्त है उनको भी सुसंगत धाराओं में मुलजिम बनाया जाएगा। इस फर्जी प्रकरण में जो पावर ऑफ अटॉर्नी बनाए गए थे उनको भी नई मंडी पुलिस जल्द ही गिरफ्तारी करेगी।

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