मुजफ्फरनगर में आतिशबाजी का विरोध करने पर युवक की हत्या के मामले में कोर्ट ने चार दोषियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। कोर्ट ने सभी दोषियों पर 13-13 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। सजा पाने वालों में पिता और उसके तीन पुत्र शामिल हैं।

जिला शासकीय अधिवक्ता राजीव शर्मा और सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता नीरजकांत मलिक ने बताया कि पांच वर्ष पूर्व थाना शाहपुर क्षेत्र के गांव किनौनी में आतिशबाजी का विरोध करने पर गोली मारकर युवक की हत्या कर दी गई थी। उन्होंने बताया कि इस मामले में मनोज निवासी किनौनी ने मुकदमा दर्ज कराते हुए बताया था कि उनका छोटा भाई अनुज और टीनू सात अगस्त 2018 को घर से घेर में जा रहे थे।

उन्होंने बताया कि रास्ते में गांव किनौनी निवासी प्रदीप, पंकज और अरविंद पुत्रगण राजेश आतिशबाजी छुड़ा रहे थे। आरोप था कि अनुज और टीनू ने आतिशबाजी का विरोध करते हुए थोड़ी देर के लिए आतिशबाजी रोकने को कहा तो वहां मौजूद तीनों लोगों ने अनुज और टीनू से गाली-गलौज शुरू कर दी। विरोध करने पर राजेश पुत्र नकली भी वहां पहुंच गया और सभी ने मारपीट शुरू कर दी।

आरोप है कि अरविंद और पंकज ने अनुज को दबोच लिया और प्रदीप ने तमंचे से उसे गोली मार दी। जबकि टीनू पर धारदार हथियार से वार कर दिया। जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया। अनुज के सिर से गोली पार हो गई। दोनों घायलों को जिला अस्पताल लाया गया। जहां से गंभीर हालत देखते हुए अनुज को हायर सेंटर मेरठ रेफर कर दिया गया था। जहां उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई थी।

इस मामले में पुलिस ने चारों आरोपितों के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कर उनका चालान कर दिया था। जिला शासकीय अधिवक्ता राजीव शर्मा और सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता नीरजकांत मलिक ने बताया कि घटना के मुकदमे की सुनवाई अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश कोर्ट संख्या-6 शाकिर हसन ने की। बताया कि कोर्ट ने चारों आरोपितों को हत्या का दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई। सभी पर 13-13 हजार रु़पये अर्थदंड भी लगाया गया।

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