मुजफ्फरनगर। नाबालिग का अपहरण कर दुष्कर्म करने वाले अभियुक्त को विशेष पॉक्सो कोर्ट ने 20 वर्ष की सजा और 43 हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई है। कोर्ट ने अभियुक्त की चाची और मां को साक्ष्य के अभाव में बरी कर दिया है। जुर्माने की रकम में से 30 हजार रुपये पीड़िता को देने के आदेश दिए हैं।

विशेष लोक अभियोजक मनमोहन वर्मा व दिनेश कुमार शर्मा ने बताया कि वर्ष 2021 में शाहपुर थाना क्षेत्र के गांव निवासी आरोपी प्रशांत चाइना पड़ोस में रहने वाली एक नाबालिग को बहला फुसलाकर अपने घर ले गया। आरोपी ने घर में दुष्कर्म किया। उसके बाद आरोपी किशोरी को अपनी मौसी के घर ले गया। उसके साथ दुष्कर्म किया। आरोपी की मां मुकेश पत्नी संजय व चाची सुनीता पत्नी चमन ने उसका सहयोग करते हुए कोरे कागजों पर हस्ताक्षर कराए और उसकी जबरदस्ती कोर्ट मैरिज करा दी। उसके बाद आरोपी उसे गाजियाबाद लेकर चला गया। पुलिस ने किशोरी के पिता की तहरीर पर तीनों आरोपियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर किशोरी को बरामद करते हुए आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की। इस मामले की सुनवाई विशेष पॉक्सो कोर्ट के न्यायाधीश बाबूराम की कोर्ट में हुई। अभियोजन की तरफ से साक्ष्य को साबित करने के लिए छह गवाह कोर्ट में पेश किए गए। बुधवार को कोर्ट ने मामले में सुनवाई करते हुए अभियुक्त प्रशांत चाइना को 20 वर्ष की सजा व 43 हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया है। कोर्ट ने जुर्माने की रकम में से 30 हजार रुपये पीड़िता को देने के आदेश दिए है। इस मामले में कोर्ट ने साक्ष्य के अभाव में अभियुक्त की मां व चाची को बरी कर दिया है।

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