गोकशी और गो-तस्करी के मामलों में कठोरतम कार्रवाई करें। साथ ही, जेल से बाहर आए चिह्नित माफिया को लेकर सतर्क रहें। निराश्रित गोवंश सड़कों पर न मिलें।

सभी जिलाधिकारी यह सुनिश्चित करें कि गो-आश्रय स्थलों को समय पर धनराशि उपलब्ध हो।

वही तहसील स्तर पर अभियान चलाकर वरासत के मामलों की समीक्षा करें।

अवैध बस और टैक्सी स्टैण्ड सुचारू परिवहन की सबसे बड़ी बाधा हैं। जिला प्रशासन, पुलिस और प्राधिकरण आपसी समन्वय बनाकर अवैध स्टैण्ड संचालकों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करें

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