विश्व के सबसे विशाल आध्यात्मिक एवं सांस्कृतिक समागम ‘महाकुंभ 2025’ का आज तीर्थराज प्रयागराज में शुभारंभ हुआ। इस पवित्र अवसर पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने समस्त श्रद्धालुओं, संतों, महात्माओं, कल्पवासियों और आगंतुकों का स्वागत करते हुए महाकुंभ के प्रथम स्नान की शुभकामनाएं दीं।

महाकुंभ ‘अनेकता में एकता’ की भावना को सजीव करता हैः योगी 
मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि महाकुंभ भारत की आध्यात्मिक और सांस्कृतिक गरिमा का प्रतीक है। यह आयोजन ‘अनेकता में एकता’ की भावना को सजीव करता है। माँ गंगा की पवित्र धारा में स्नान और साधना करने आए सभी श्रद्धालुओं की मनोकामनाएं पूर्ण हों। यह पर्व न केवल धार्मिक आस्था का केंद्र है, बल्कि सनातन संस्कृति और परंपराओं के वैश्विक गौरव का प्रतीक भी है। मुख्यमंत्री ने बताया कि महाकुम्भ को दिव्य और भव्य बनाने के लिए सभी व्यवस्थाएं सुनिश्चित की गई हैं। स्वच्छता, सुरक्षा, स्वास्थ्य सेवाओं, यातायात और आवासीय प्रबंधन पर विशेष ध्यान दिया गया है।

संगम पर उमड़ा जनसैलाब
संगम तट पर उमड़ा श्रद्धा का सैलाब पौष पूर्णिमा के अवसर पर आज लाखों श्रद्धालु गंगा, यमुना और सरस्वती के पवित्र संगम में स्नान कर रहे हैं। संगम तट पर आध्यात्मिक उल्लास और धार्मिक आस्था का अद्वितीय नजारा देखने को मिल रहा है। देश-विदेश से आए श्रद्धालुओं के लिए महाकुम्भ जीवन का अद्वितीय अनुभव बन रहा है।

मुख्यमंत्री का संदेश
सीएम योगी ने कहा, “आइए, महाकुम्भ 2025 में सहभागी बनकर सनातन संस्कृति की इस गौरवशाली परंपरा का हिस्सा बनें। माँ गंगा की कृपा से आपका जीवन सुख, शांति और समृद्धि से परिपूर्ण हो।”

 

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