बाराबंकी जिले में कस्बा और थाना देवा से रिश्तों को शर्मसार करने वाला एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। यहां एक 32 वर्षीय महिला अपने पति के बड़े भाई यानी जेठ के 21 वर्षीय बेटे (भतीजे) के साथ फरार हो गई। महिला न केवल अपने मासूम बच्चों को घर में रोता-बिलखता छोड़ गई बल्कि पति द्वारा अपनी बेटी की शादी के लिए जीवन भर की जमापूंजी से बनवाए गए जेवर और नकदी भी अपने साथ ले गई। पीड़ित पति ने अब मुख्यमंत्री और स्थानीय पुलिस से इंसाफ की गुहार लगाई है। 1.30 लाख की नकदी और 3 लाख के जेवर ले उड़ी महिला पीड़ित अल्लारखा ने नम आंखों से बताया कि वह कस्बों और चौराहों पर खेल तमाशा दिखाकर किसी तरह अपने परिवार का भरण-पोषण करता है। उसकी 14 वर्ष की एक बेटी और 10 साल का बेटा है। अल्लारखा अपनी बेटी का निकाह करने के सपने संजोए हुए था और इसके लिए उसने पाई-पाई जोड़कर करीब 3 लाख रुपये के जेवर बनवाए थे और 1 लाख 30 हजार रुपये नकद इकट्ठा किए थे। मां के लिए फूट-फूट कर रो रहे बच्चे रविवार को अल्लारखा हैदरगढ़ क्षेत्र में खेल दिखाने गया था। इसी बीच उसके बड़े भाई ने फोन कर उसे तुरंत घर बुलाया। जब वह घर पहुंचा तो उसके पैरों तले जमीन खिसक गई। उसकी पत्नी शाजदा बानो जेठ के लड़के सिराज के साथ फरार हो चुकी थी। घर में रखे जेवर और नकदी भी गायब थे। घर में उसके दोनों बच्चे अपनी मां के लिए फूट-फूट कर रो रहे थे। बयान देते वक्त अल्लारखा का गला भर आया और वह फफक कर रो पड़ा। उसने भरे मन से कहा कि वह चली गई मुझे कोई गम नहीं लेकिन मेरी बेटी की शादी के लिए रखे जेवर और पैसे वापस दिलवा दिए जाएं। मैंने बहुत मेहनत से खून-पसीना एक कर वह पूंजी जमा की थी। पीड़ित ने बताया कि उसने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के पोर्टल पर ऑनलाइन शिकायत दर्ज कराई है और देवा थाने में तहरीर देकर कार्रवाई की मांग की है।

महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर बाबा महेंद्रनाथ धाम में जलाभिषेक कर लौट रहे श्रद्धालुओं के साथ एक बड़ा हादसा हो गया। छपरा-सिवान रेल खंड के महेंद्रनाथ हाल्ट पर मालगाड़ी की चपेट में आने से एक महिला श्रद्धालु की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। इस घटना के बाद स्टेशन परिसर में चीख-पुकार मच गई।

पैर फिसलने से हुआ हादसा 

मृतक महिला की पहचान मीना देवी के रूप में हुई है, जो उत्तर प्रदेश के कुशीनगर जिले के पडरौना की रहने वाली थी। जानकारी के अनुसार, मीना देवी अपने परिजनों के साथ बाबा महेंद्रनाथ का दर्शन करने आई थीं। पूजन के बाद वे प्लेटफॉर्म पर ट्रेन का इंतजार कर रही थीं। इसी दौरान वे शौच के लिए गईं, जहां लौटते समय अचानक उनका पैर फिसल गया और वे सीधे रेलवे ट्रैक पर गिर पड़ीं। उसी समय वहां से गुजर रही एक तेज रफ्तार मालगाड़ी की चपेट में आने से उनका शरीर क्षत-विक्षत हो गया।

8 घंटे से ट्रेन का इंतजार और सिस्टम पर सवाल 

हादसे के बाद मृतक की मां और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। परिजनों ने रेलवे व्यवस्था पर भी दुख जताते हुए कहा कि वे घंटों से ट्रेन का इंतजार कर रहे थे। मृतक की मां ने कहा कि अगर समय पर ट्रेन मिल गई होती, तो मेरी बेटी आज जिंदा होती। दर्शन के बाद पश्चिम दिशा की ओर जाने के लिए 8 घंटे तक कोई ट्रेन उपलब्ध नहीं थी।

प्रशासनिक कार्रवाई 

घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय रेल पुलिस (GRP) और स्टेशन अधिकारी मौके पर पहुँचे। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल, छपरा भेज दिया है। रेल पुलिस मामले की जांच कर रही है और मृतका के परिजनों को कानूनी प्रक्रिया पूरी कर शव सौंपने की तैयारी में है।

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