बागपत जिले से एक ऐसा मामला सामने आया है जिसे सुनकर हर कोई हैरान है। जहां एक चाची ने सामाजिक लोक-लाज को ताक पर रखकर अपने ही सगे भतीजे के साथ प्रेम विवाह कर लिया। ताज्जुब की बात यह रही कि यह शादी किसी मंदिर या मस्जिद में नहीं, बल्कि थाने के गेट पर पुलिस की मौन मौजूदगी और महिला के पति की रजामंदी से संपन्न हुई।

5 साल का ‘वर्जित’ प्यार और 8 साल पुराना रिश्ता
मामला दोघट थाना क्षेत्र का है। जहां की रहने वाली 28 वर्षीय महिला का विवाह 8 साल पहले पंकज (नाम परिवर्तित) से हुआ था। उनके दो मासूम बच्चे भी हैं। लेकिन करीब 5 साल पहले महिला को अपने सगे जेठ के 22 वर्षीय बेटे (संजीव) से प्यार हो गया। रिश्ता चाची और भतीजे का था, इसलिए समाज और परिवार ने इसे स्वीकार करने से साफ इनकार कर दिया।

पंचायतें हारीं, प्यार जीता: पति ने क्यों दी रजामंदी?
इस प्रेम प्रसंग को लेकर कई बार पंचायतें हुईं, मान-मनौव्वल हुआ, लेकिन प्रेमी जोड़ा साथ रहने की जिद पर अड़ा रहा। शुक्रवार को मामला तब चरम पर पहुंच गया जब पति ने खुद हार मान ली। पति पंकज ने थाने के बाहर खड़े होकर कहा कि मुझे डर था कि अगर मैंने मना किया तो कोई बड़ी अनहोनी न हो जाए। आजकल श्रद्धा वॉकर जैसी ‘नील ड्रम’ वाली घटनाएं आम हैं। जान बचाने और किसी बड़े हादसे को रोकने के लिए मैंने खुद दोनों की शादी कराने का फैसला लिया।

थाने के गेट पर हाई-वोल्टेज ड्रामा: वरमाला और गवाह
शुक्रवार शाम दर्जनों ग्रामीणों की मौजूदगी में थाने के गेट पर ही चाची और भतीजे ने एक-दूसरे को वरमाला पहनाई। महिला के पति और ससुर इस शादी के गवाह बने। वहीं, महिला के मायके वालों ने इस शर्मनाक रिश्ते से आहत होकर अपनी बेटी से हमेशा के लिए नाता तोड़ लिया है।

पुलिस का बयान: ‘शिकायत नहीं तो कार्रवाई नहीं’
इस अजीबोगरीब शादी पर दोघट थाना प्रभारी सूर्यदीप सिंह ने कहा कि उनके पास कोई लिखित शिकायत नहीं आई है। लोगों ने थाने के बाहर आपसी सहमति से माला डाली है। चूंकि मामला दो बालिगों की रजामंदी का है और कोई कानूनी शिकायत नहीं है, इसलिए पुलिस ने इसमें दखल नहीं दिया है।

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