केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने बुधवार को कहा कि देश में फॉरेंसिक बुनियादी ढांचे के निर्माण के लिए केंद्रीय मंत्रिमंडल द्वारा मंजूर 2,254.43 करोड़ रुपये की योजना से न केवल श्रमबल का प्रशिक्षण सुनिश्चित होगा, बल्कि न्याय मुहैया कराने में तेजी आएगी।

शाह ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में देश भर में सिलसिलेवार अत्याधुनिक फॉरेंसिक प्रयोगशालाओं और राष्ट्रीय फॉरेंसिक विज्ञान विश्वविद्यालय (एनएफएसयू) परिसर खोलकर भारत की आपराधिक न्याय प्रणाली को मजबूत करने के ऐतिहासिक निर्णय के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के प्रति हार्दिक आभार व्यक्त किया।

उन्होंने कहा, ‘‘2,254.43 करोड़ रुपये की यह परियोजना न केवल फॉरेंसिक विज्ञान में श्रमबल का प्रशिक्षण सुनिश्चित करेगी, बल्कि सभी को त्वरित और त्रुटिहीन न्याय प्रदान करने में भी मदद करेगी। हमारी सरकार समावेशी विकास और न्याय प्रदान करने के लिए दृढ़ता से प्रतिबद्ध है, ताकि कोई भी पीछे न छूटे।’’

प्रधानमंत्री की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने 2024-25 से 2028-29 की अवधि के दौरान 2254.43 करोड़ रुपये के कुल वित्तीय परिव्यय के साथ केंद्रीय योजना ‘नेशनल फॉरेंसिक इंफ्रास्ट्रक्चर एन्हांसमेंट स्कीम’ (एनएफआईईएस) के लिए गृह मंत्रालय के प्रस्ताव को मंजूरी दी है। इस योजना के अंतर्गत फॉरेंसिक परिसर और प्रयोगशालाएं स्थापित की जाएंगी तथा अन्य बुनियादी ढांचे का विस्तार किया जाएगा।

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