सुप्रीम कोर्ट ने क्लिनिक में रखी दवाओं के निर्माता व अन्य खुलासा नहीं करने पर एक डॉक्टर को सुनाई गई छह माह के कारावास की सजा को एक लाख रुपए के जुर्माने में बदल दिया। हालांकि अदालत ने ट्रायल कोर्ट द्वारा की गई डॉक्टर की दोषसिद्धि बरकरार रखी। जस्टिस बीआर गवई और जस्टिस संजय करोल की बेंच ने कहा कि डॉक्टर के पास केवल थोड़ी मात्रा में दवाएं थीं जो वितरण या बिक्री के लिए नहीं थी, इसलिए कारावास की सजा देना अनुचित होगा। डॉक्टर ने ट्रायल कोर्ट के दोषसिद्धि व सजा के निर्णय पर हाई कोर्ट में राहत नहीं मिलने पर सुप्रीम कोर्ट में अपील की थी। ड्रग इंस्पेक्टर के निरीक्षण के दौरान पता चला कि क्लिनिक चलाने वाले डॉक्टर के पास बिक्री के लिए जरूरी लाइसेंस के बिना कुछ दवाएं रखी हैं। डॉक्टर ने इन दवाओं को स्रोत व निर्माता का विवरण भी नहीं दिया।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Verified by MonsterInsights