दिल्ली की एक अदालत ने 2015 में डकैती के लिए अपनी 74 वर्षीय दादी की हत्या करने के मामले में एक व्यक्ति को दोषी करार दिया। अदालत ने कहा कि अभियोजन पक्ष द्वारा साबित की गई परिस्थितियां केवल उसके अपराध की ओर इशारा करती हैं तथा कोई अन्य परिकल्पना संभव नहीं है।

अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश शेफाली शर्मा आरोपी हर्षित जैन के खिलाफ मामले की सुनवाई कर रही थीं। दोषी के खिलाफ प्रशांत विहार पुलिस थाने में हत्या और डकैती के दंडात्मक प्रावधानों के तहत मौत या गंभीर रूप से चोट पहुंचाने के प्रयास का मामला दर्ज किया था।

अभियोजन पक्ष के अनुसार हर्षित ने 19 दिसंबर, 2015 को रोहिणी सेक्टर-13 स्थित बल्लभ विहार सोसाइटी में अपनी दादी कैलाशवती की गला घोंटकर हत्या कर दी थी। यह हत्या डकैती के इरादे से की गयी थी।

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