मेरठ की ये घटना आपको हैरान कर देगी। यहां दो दोस्तों ने हत्या के प्रयास का एक झूठा मुकदमा लिखवाने के लिए फर्जी गोलीकांड करने की कोशिश की जो असली हो गया। एक दोस्त ने दूसरे दोस्त पर गोली चलाई। योजना के तहत गोली को पेट को छूटकर निकलना था लेकिन निशाना चूक गया और गोली एक दोस्त के सीने को चीरते हुए निकल गई। गोली लगने से घायल दोस्त की मौके पर ही मौत हो गई। यह देख दूसरा दोस्त घबराकर भाग गया लेकिन पुलिस ने कुछ ही घंटों में इस वारदात का खुलासा कर दिया।

घटना 25 जून की है। थाना गंगानगर क्षेत्रान्तर्गत ग्राम अम्हैडा आदिपुर के जंगल में एक युवक की गोली लगी लाश मिलने की खबर मिली। थाना पुलिस व स्वाट टीम मौके पर पहुंची। शव की पहचान हर्ष पुत्र संजय निवासी ग्राम अम्हैडा आदिपुर थाना गंगानगर जिला मेरठ के रूप में हुई। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉक्टर विपिन ताड़ा के मुताबिक मौके से जो साक्ष्य मिले उनके आधार पर और काल डिटेल के अलावा स्थानीय जानकारी व सीसीटीवी फुटेज का विश्लेषण किया गया तो पता चला कि हर्ष की हत्या उसके ही दोस्त ने की थी।

लड़की के चक्कर में चली गई जान 

पुलिस के अनुसार अभियुक्त बाल अपचारी से की गई पूछताछ में बताया कि, 24 जून की शाम को मृतक हर्ष ने स्वयं उसे फोन करके बुलाया था। दोनों ने मिलकर देशी शराब के ठेके से शराब ली और हाजी होटल से कबाब और पास की दुकान से पानी खरीदा। इसके बाद आशे लाला के ट्यूबवेल के पास गन्ने के खेत में बैठकर शराब पी। पूछताछ में बाल अपचारी ने बताया कि मृतक हर्ष अपने ही गांव की एक युवती से बात करता था। कुछ दिन पूर्व लड़की परिजनों व हर्ष के बीच कहासुनी और विवाद भी हुआ था। रविन्द्र के परिजनों ने हर्ष को चेतावनी दी थी कि वह लड़की से बातचीत बंद कर दे नहीं तो पुलिस में शिकायत की जाएगी।

ऐसे खुली वारदात

हर्ष लगातार बातचीत जारी रखने के कारण रविन्द्र के परिवार ने थाने में मुकदमा लिखाने की बात भी कही थी। इसी स्थिति से बचने के लिए हर्ष ने एक योजना बनाई। योजना के तहत हर्ष के पेट में इसके दोस्त को इस तरह से गोली मारनी थी कि गोली खाल को छूकर निकल जाए। योजना थी कि ऐसा करके वह पहले लड़की वालों पर मुकदमा दर्ज करा देगा और झूठे केस से बच जाएगा लेकिन ऐसा नहीं हो सका। आरोपी ने बताया कि, ” हम दोनों ही नशे की हालत में थे” गोली चलाते समय लक्ष्य चूक गया जिससे गोली पेट के बजाय छाती में लग गई और हर्ष की मौके पर ही मौत हो गई। घटना के बाद बाल अपचारी घबरा गया और मृतक का मोबाइल फोन घटनास्थल के पास ट्यूबवेल की छत पर फेंक दिया। अगले दिन सुबह उसी ने मृतक के पिता संजय को जाकर खेत में शव पड़े होने की सूचना दी। पूछताछ में यह भी सामने आया कि घटना से पूर्व हर्ष और बाल अपचारी ने मिलकर देर रात तक युवती पक्ष के कई करीबियों से फोन पर समझौते को लेकर बातचीत की थी, जिसकी पुष्टि मोबाइल की कॉल डिटेल और अन्य तकनीकी साक्ष्यों से की गई है। आरोपी को न्यायालय के समक्ष पेश किया गया है। न्यायालय ने आरोपी को बाल सुधार गृह भेजा है।

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