गाजीपुर जिले के करंडा क्षेत्र के कटारिया गांव में स्थानीय लोगों और समाजवादी पार्टी (सपा) के कार्यकर्ताओं के बीच पथराव और झड़प होने के बाद 10 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने यह जानकारी दी। सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने आरोप लगाया कि सत्ता-संरक्षित दबंग तत्वों और गांव के प्रधान ने पार्टी कार्यकर्ताओं पर हमला किया। उन्होंने इस घटना को पीडीए (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) पर हमला करार देते हुए तुरंत कार्रवाई की मांग की।

मिली जानकारी के मुताबिक, यादव ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा कि गाजीपुर, करंडा, कटारिया गांव में विश्वकर्मा समाज की एक युवती की संदिग्ध मौत के मामले में पीड़ित परिवार से मिलने जा रहे समाजवादी पार्टी के प्रतिनिधिमंडल व सपा कार्यकर्त्ताओं के साथ-साथ पुलिस पर भी सत्ता पोषित वर्चस्ववादी गांव के प्रधान द्वारा पथराव व प्राणघातक हमला किया गया। दोषियों को तुरंत गिरफ़्तार करके, उन के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई हो। उन्होंने कहा कि इस हमले में पूर्व मंत्री राम आसरे विश्वकर्मा समेत कई लोग घायल हुए हैं। भाजपा राज में न गांव सुरक्षित हैं, न शहर। उत्तर प्रदेश अराजकता के सबसे खराब दौर से गुजर रहा है। प्रभुत्ववादियों का पीडीए पर हमला दरअसल 95 प्रतिशत आबादी पर हमला है। गाजीपुर के कटारिया गांव में 3 दिन पहले गंगा नदी से एक लड़की का शव बरामद किया गया था। सपा विधायकों और पूर्व मंत्रियों का एक प्रतिनिधिमंडल लड़की के परिजन से मिलने गया था।

अपर पुलिस अधीक्षक (नगर क्षेत्र) ज्ञानेंद्र कुमार सिंह ने बताया कि जिला प्रशासन ने शुरू में सपा जिलाध्यक्ष को पार्टी प्रतिनिधिमंडल का दौरा नहीं कराने की सलाह दी थी क्योंकि शोक संतप्त परिवार और गांव के लोग लड़की की मौत पर दिए जा रहे अनावश्यक ध्यान से नाखुश थे। सिंह ने कहा कि समूह को 15 लोगों तक सीमित रखने के लिए कहे जाने के बावजूद आज लगभग 200 समर्थक गांव पहुंच गए। उनके दौरे के दौरान, कुछ असामाजिक तत्वों ने पथराव शुरू कर दिया, जिससे झड़प हो गई और ग्रामीणों ने आत्मरक्षा में जवाबी कार्रवाई की। उन्होंने बताया कि इस घटना में करंडा के थानाध्यक्ष और अन्य पुलिसकर्मियों सहित कई लोग घायल हुए हैं और उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

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