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देहरादून, 04 अगस्त । उत्तराखंड के अल्मोड़ा स्थित राजस्व पुलिस एवं भूलेख सर्वेक्षण संस्थान का सुदृढ़ीकरण और आधुनिकीकरण किया जाएगा। इस संबंध में मंगलवार को राजस्व परिषद देहरादून के सभागार में राजस्व परिषद आयुक्त एवं सचिव रंजना राजगुरु की अध्यक्षता में बैठक आयोजित की गई।

बैठक में आयुक्त एवं सचिव ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि संस्थान को भविष्य की प्रशासनिक आवश्यकताओं के अनुरूप विकसित किया जाए और प्रशिक्षण व्यवस्था को अधिक प्रभावी एवं आधुनिक बनाया जाए। उन्होंने कहा कि राजस्व पुलिस एवं भूलेख सर्वेक्षण संस्थान राजस्व विभाग के क्षेत्रीय अधिकारियों और कर्मचारियों, विशेषकर नायब तहसीलदार, राजस्व निरीक्षक तथा राजस्व उप निरीक्षक (पटवारी/लेखपाल) के प्रशिक्षण का प्रमुख केंद्र है। इसलिए यहां प्रशिक्षण ढांचा ऐसा विकसित किया जाए, जिससे प्रशिक्षु आधुनिक प्रशासनिक जरूरतों, सुशासन, पारदर्शिता और भू-अभिलेखों के बेहतर प्रबंधन में दक्ष हो सकें।

बैठक में आधुनिक भू-सर्वेक्षण तकनीकों पर आधारित प्रशिक्षण को प्राथमिकता देने, अनुभवी प्रशिक्षकों की नियुक्ति और डीजीपीएस रोवर, ईटीएस समेत आधुनिक सर्वेक्षण उपकरणों एवं नवीन सॉफ्टवेयर का व्यावहारिक प्रशिक्षण उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए।

उन्होंने डिजिटल इंडिया लैंड रिकॉर्ड्स मॉडर्नाइजेशन प्रोग्राम (डीआईएलआरएमपी) के तहत उपलब्ध बजट का शत-प्रतिशत और समयबद्ध उपयोग सुनिश्चित करने को कहा। उन्होंने संस्थान में आधुनिक प्रशिक्षण लैब स्थापित करने और जीआईएस और ई-गवर्नेंस से जुड़े विभागीय सॉफ्टवेयर का प्रशिक्षण उपलब्ध कराने के निर्देश भी दिए।

बैठक में संस्थान के आवासीय एवं गैर-आवासीय भवनों, छात्रावास, प्रशिक्षण मैदान और पुस्तकालय की वर्तमान स्थिति की समीक्षा की गई। जर्जर भवनों की मरम्मत, आवश्यक निर्माण कार्यों और प्रशिक्षण मैदान के उन्नयन के लिए बजट आवंटन एवं शासन स्तर से शीघ्र स्वीकृति प्राप्त करने के निर्देश दिए गए।

उन्होंने प्रशिक्षण के लिए आने वाले प्रशिक्षुओं के छात्रावास और मेस व्यवस्था को बेहतर बनाने और स्वच्छ वातावरण और गुणवत्तापूर्ण सुविधाएं सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया।

By editor

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