नई दिल्ली, 04 अगस्त । उच्चतम न्यायालय ने दुष्कर्म मामले में ट्रायल कोर्ट से मिली सजा को बरकरार रखने के राजस्थान उच्च न्यायालय के फैसले को चुनौती देने वाली आसाराम बापू की याचिका पर 6 अगस्त को सुनवाई करने का आदेश दिया। मंगलवार को एम्स अस्पताल ने उच्चतम न्यायालय को बताया कि आसाराम को अस्पताल में भर्ती करने की जरूरत नहीं है, लेकिन स्वास्थ्य की चौबीस घंटे निगरानी की जरूरत है। इसके पहले कोर्ट ने सुनवाई करते हुए एम्स अस्पताल से मेडिकल बोर्ड गठित कर रिपोर्ट देने का आदेश दिया था। न्यायाधीश एमएम सुंदरेश की अध्यक्षता वाली बेंच ने मामले की अगली सुनवाई 30 जुलाई को करने का आदेश दिया।
इसके पहले सुनवाई के दौरान राजस्थान सरकार की ओर से पेश सॉलिसिटिर जनरल ने कहा कि आसाराम बापू बिल्कुल फिट हैं और वो तीन महीने पहले अयोध्या और काशी विश्वनाथ गए थे। मेहता ने कहा कि वह हर जगह पैदल गए थे और यात्रा की थी। कोर्ट ने 30 जून को आसाराम की जमानत याचिका पर सुनवाई करते हुए राजस्थान सरकार को नोटिस जारी किया था।
उच्चतम न्यायालय ने आसाराम बापू को मिली सजा को निलंबित करने से इनकार कर दिया था। उच्चतम न्यायालय ने आसाराम बापू को जेल में मिल रही चिकित्सा सुविधा जारी रखने का आदेश दिया था। उच्चतम न्यायालय ने कहा था कि वो जमानत देने पर तभी विचार करेंगे जब स्वास्थ्य को लेकर गंभीर खतरा हो।
पिछले करीब 11 वर्ष से आसाराम राजस्थान के जोधपुर जेल में बंद है और करीब एक दर्जन से अधिक बार उनकी जमानत अर्जी खारिज हो चुकी है। यौन उत्पीड़न के आरोप में आसाराम को 2013 में गिरफ्तार किया गया था। 20 अगस्त, 2013 को उनके खिलाफ जोधपुर आश्रम में यौन शोषण का मामला दर्ज कराया गया था। इसके अलावा सूरत की दो बहनों ने भी 2001 में आश्रम में दुष्कर्म करने का आरोप लगाया था।
