बिहार में मौसम ने करवट बदल ली है और अगले 48 घंटे राज्य के लिए भारी पड़ सकते हैं। भीषण गर्मी के बीच बंगाल की खाड़ी से आ रही नमी और पश्चिमी विक्षोभ के मिलन ने राज्य में ‘प्री-मानसून’ हलचल तेज कर दी है। मौसम विभाग ने आज राज्य के सभी 38 जिलों के लिए हाई अलर्ट जारी किया है, जिसमें वज्रपात (आकाशीय बिजली) और तेज आंधी की विशेष चेतावनी दी गई है।

प्रमुख जिलों में ऑरेंज और येलो अलर्ट 

मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार, राज्य को दो श्रेणियों में बांटा गया है:

ऑरेंज अलर्ट (12 जिले): पश्चिम चंपारण, पूर्वी चंपारण, गोपालगंज, सीवान, सारण, मुजफ्फरपुर, सीतामढ़ी, शिवहर, मधुबनी, दरभंगा, वैशाली और समस्तीपुर जिले में 60 किमी/घंटा की रफ्तार से विनाशकारी हवाएं चलने और भारी बारिश की संभावना है। प्रशासन ने इन क्षेत्रों में लोगों को सुरक्षित स्थानों पर रहने की सलाह दी है।

येलो अलर्ट (26 जिले): नालंदा, भोजपुर, बक्सर, रोहतास, कैमूर, औरंगाबाद, गया, नवादा, जहानाबाद, अरवल, लखीसराय, शेखपुरा, बेगूसराय, खगड़िया, सहरसा, सुपौल, मधेपुरा, पूर्णिया, कटिहार, किशनगंज, अररिया, भागलपुर, बांका, मुंगेर और जमुई में यहां हल्की से मध्यम बारिश के साथ मेघगर्जन और बिजली गिरने की आशंका है।

क्यों बदला मौसम का मिजाज? 

मौसम वैज्ञानिकों ने इस अचानक बदलाव के पीछे तीन मुख्य कारण बताए हैं:

नमी और ऊष्मा का टकराव: बंगाल की खाड़ी से आ रही नमी वाली हवाएं और दिन के बढ़ते तापमान के कारण वायुमंडल में अस्थिरता पैदा हुई है।

पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance): उत्तर-पश्चिम भारत से आ रहे विक्षोभ का असर बिहार के आसमान पर साफ दिख रहा है।

दबाव क्षेत्र: हवा की दिशा में लगातार बदलाव और स्थानीय स्तर पर कम दबाव का क्षेत्र बनने से ओलावृष्टि (Hailstorm) की स्थिति बन रही है।

राजधानी पटना का हाल 

पटना में आज दोपहर बाद मौसम के बिगड़ने के आसार हैं। अगले दो दिनों तक आसमान में बादलों का डेरा रहेगा और 30 से 40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं। 28 मार्च तक रुक-रुक कर बारिश होने से तापमान में गिरावट आएगी, जिससे स्थानीय लोगों को तपती गर्मी से अस्थायी राहत मिलने की उम्मीद है।

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