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मऊ, 15 जुलाई । उत्तर प्रदेश के मऊ में रतनपुरा क्षेत्र की निवासी एवं महिला उद्यमी खुशबू सिंह ने थाना प्रभारी और भाजपा जिला अध्यक्ष रामाश्रय मौर्य पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि उन्हें और उनके परिवार को लगातार फोन कॉल के माध्यम से डराने-धमकाने तथा मानसिक रूप से प्रताड़ित करने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि वह किसी भी प्रकार के दबाव में आने वाली नहीं हैं।

खुशबू सिंह का आरोप है कि उनके पति अजय सिंह और देवर अजीत सिंह के खिलाफ झूठे मुकदमे दर्ज किए गए हैं। उन्होंने दावा किया कि कार्रवाई की आशंका होने पर उन्होंने पहले ही प्रशासन से निष्पक्ष जांच की मांग की थी, लेकिन इसके बावजूद उनके परिवार के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कर लिया गया।

उन्होंने आईटी एक्ट की धारा 67 लगाए जाने पर भी सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि बिना पर्याप्त तथ्यों और साक्ष्यों के गंभीर धाराएं लगाई गई हैं। उनके अनुसार, उनके पति शिक्षित एवं पेशेवर व्यक्ति हैं और उनका दोष केवल अपने अधिकारों के लिए आवाज उठाना है। उन्होंने अपने देवर को भी निर्दोष बताते हुए कहा कि यदि कोई विवाद था तो बातचीत के माध्यम से उसका समाधान निकाला जा सकता था।

खुशबू सिंह ने यह भी आरोप लगाया कि उनके परिवार को नौकरी छिन जाने की धमकियां दी जा रही हैं। उनका कहना है कि उनके पति ने अपने प्रयासों से कंपनी स्थापित की है और परिवार आत्मनिर्भर है।

उन्होंने आरोप लगाया कि उनके 95 वर्षीय परिवार की बुजुर्ग महिला के सम्मान को ठेस पहुंचाई गई तथा महिलाओं की गरिमा का उल्लंघन किया गया। उन्होंने कहा कि यदि प्रताड़ना जारी रही तो वह महिला आयोग सहित सभी सक्षम संवैधानिक और कानूनी संस्थाओं के समक्ष शिकायत दर्ज कर न्याय की मांग करेंगी।

साथ ही उन्होंने भाजपा जिला अध्यक्ष पर क्षेत्र में विकास कार्यों की अनदेखी और व्यक्तिगत द्वेष की राजनीति करने का भी आरोप लगाया। उनका कहना है कि उनका परिवार कानून के दायरे में रहकर अपने अधिकारों की लड़ाई लड़ रहा है।

भाजपा जिला अध्यक्ष ने आरोपों को लेकर दी अपनी प्रतिक्रिया

इस मामले पर भाजपा जिला अध्यक्ष रामाश्रय मौर्य ने आरोपों से अलग पक्ष रखते हुए बताया कि विवाद की जड़ एक पारिवारिक संपत्ति का मामला है। उनके अनुसार, गांव के एक परिवार में तीन भाइयों के बीच संपत्ति को लेकर विवाद हुआ। एक भाई की मृत्यु के बाद उसकी बेटी ने अपने हिस्से की जमीन उनके एक परिचित को बेच दी, जिसके बाद विवाद बढ़ गया और मामला राजनीतिक रंग लेने लगा।

रामाश्रय मौर्य ने यह भी कहा कि सोशल मीडिया पर उनके खिलाफ अभद्र भाषा, गाली-गलौज और आपत्तिजनक वीडियो प्रसारित किए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि इस संबंध में प्रशासन को कार्रवाई के लिए पत्र दिया गया है। हालांकि, उन्होंने कहा कि फिलहाल वह किसी कठोर कार्रवाई के पक्ष में नहीं हैं और चाहते हैं कि मामला शांतिपूर्ण ढंग से सुलझ जाए।

उन्होंने संबंधित परिवार को “अच्छा परिवार” बताते हुए कहा कि यह गांव की राजनीति का शिकार हो गया है।

प्रशासन की कार्रवाई पर नजर

मामले में दोनों पक्षों ने एक-दूसरे पर गंभीर आरोप लगाए हैं। फिलहाल प्रशासन की ओर से आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि या अंतिम निष्कर्ष सामने नहीं आया है। ऐसे में अब सबकी नजर पुलिस और प्रशासन की आगामी कार्रवाई पर है। मामले की जांच और आधिकारिक निष्कर्ष के बाद ही आरोपों की सत्यता स्पष्ट हो सकेगी।

By editor

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