समर वेकेशन के बाद नए शैक्षणिक सत्र के शुभारंभ से पहले देवोपम किड्स स्कूल में हुआ भव्य सुंदरकाण्ड, विद्यार्थियों की सुख-समृद्धि, संस्कार और सफलता के लिए की गई विशेष प्रार्थना
मुजफ्फरनगर। शिक्षा केवल पुस्तकीय ज्ञान तक सीमित नहीं होती, बल्कि संस्कार, नैतिक मूल्यों और आध्यात्मिक चेतना का समन्वय ही एक श्रेष्ठ विद्यार्थी का निर्माण करता है। इसी भावना को साकार करते हुए शहर के गांधी कॉलोनी लिंक रोड स्थित देवोपम किड्स स्कूल में समर वेकेशन के बाद विद्यालय खुलने से एक दिन पूर्व भव्य श्री सुंदरकाण्ड पाठ का आयोजन किया गया। विद्यालय परिसर में आयोजित इस धार्मिक अनुष्ठान में सैकड़ों श्रद्धालुओं ने भाग लेकर भगवान श्रीराम और हनुमान जी की भक्ति में स्वयं को समर्पित किया।

पूरे विद्यालय परिसर में सुंदरकाण्ड के मधुर पाठ और भजनों की गूंज से भक्तिमय वातावरण बना रहा। उपस्थित श्रद्धालु पूरी श्रद्धा और आस्था के साथ भक्ति रस में डूबे नजर आए तथा सभी ने विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य और विद्यालय की निरंतर प्रगति के लिए प्रार्थना की।
विद्यालय की प्रिंसिपल नेहा अरोरा ने बताया कि नए शैक्षणिक सत्र की शुरुआत शुभ और मंगलमय वातावरण में हो, इसी उद्देश्य से सुंदरकाण्ड का आयोजन कराया गया। उन्होंने कहा कि विद्यालय में शिक्षा ग्रहण करने वाले प्रत्येक छात्र-छात्रा का जीवन ज्ञान, संस्कार, सफलता और सकारात्मक ऊर्जा से परिपूर्ण हो, यही उनकी कामना है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि भगवान श्रीराम और संकटमोचन हनुमान जी की कृपा से सभी विद्यार्थी शिक्षा के क्षेत्र में नई ऊंचाइयों को प्राप्त करेंगे तथा अपने माता-पिता, विद्यालय और समाज का नाम रोशन करेंगे।

कार्यक्रम के समापन पर श्रद्धालुओं ने हनुमान जी की आरती में भाग लिया और प्रसाद ग्रहण किया। विद्यालय परिवार का यह आध्यात्मिक प्रयास अभिभावकों और श्रद्धालुओं के बीच विशेष आकर्षण का केंद्र बना रहा। उपस्थित लोगों ने विद्यालय की इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि शिक्षा के साथ-साथ धार्मिक और सांस्कृतिक संस्कारों का समावेश बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए अत्यंत आवश्यक है। विद्यालय का यह आयोजन विद्यार्थियों के प्रति समर्पण, भारतीय संस्कृति के संरक्षण और आध्यात्मिक मूल्यों के प्रति उसकी प्रतिबद्धता का प्रेरणादायक उदाहरण बनकर सामने आया।

इस दौरान मुख्य रूप से डायरेक्टर राजीव मुंजाल, रितु मुंजाल, युक्ता मुंजाल व शालीन मुंजाल, रीना अग्रवाल, ममता अग्रवाल, मुकुल दुआ, अनुभूति, कमला भगत के अलावा दर्जनों की संख्या में बच्चों के अभिभावक मौजूद रहे।
