वाराणसी, 03 अगस्त । पवित्र श्रावण मास के प्रथम सोमवार पर उत्तर प्रदेश की धर्मनगरी काशी शिवमय हो उठी। श्री काशी विश्वनाथ धाम में आधी रात से ही श्रद्धालुओं का जनसैलाब उमड़ पड़ा। सुकर्मा एवं सर्वार्थ सिद्धि योग में ‘हर-हर महादेव’ और ‘काशी विश्वनाथ शंभो’ के जयघोष से पूरा मंदिर परिसर गुंजायमान है। धाम में मंगला आरती के बाद भोर से हीअनवरत कतारबद्ध शिवभक्त रेड कार्पेट से होकर मंदिर के स्वर्णमंडित गर्भगृह के बाहर लगे पात्र से ज्योर्तिंलिंग का जलाभिषेक कर रहे हैं। मंदिर में बाबा का झांकी दर्शन और धाम का नव्य,भव्य और विस्तारित स्वरूप देख शिवभक्त और कावंड़िये आह्लादित होकर हर-हर महादेव का परम्परागत कालजयी उद्घोष कर रहे है।
रविवार देर शाम से ही श्रद्धालु दर्शन के लिए कतारबद्ध होने लगे थे। रात दो बजे तक लगभग दो किलोमीटर लंबी लाइन लग गई। उमस, गर्मी और बीच-बीच में हुई तेज बारिश भी शिवभक्तों की आस्था को डिगा नहीं सकी। प्रातः 3:30 बजे वैदिक मंत्रोच्चार के बीच बाबा का भव्य श्रृंगार एवं मंगला आरती संपन्न हुई। इसके बाद मंदिर के कपाट श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए गए। पूरी रात कतार में खड़े भक्तों का वाराणसी मंडलायुक्त एस. राजलिंगम एवं श्री काशी विश्वनाथ मंदिर के मुख्य कार्यपालक अधिकारी डॉ. विश्वभूषण के नेतृत्व में अधिकारियों और कर्मचारियों ने पुष्पवर्षा कर स्वागत किया। इस आत्मीय स्वागत से श्रद्धालु भावविभोर हो उठे और बाबा के दर्शन कर स्वयं को धन्य महसूस किया।
परंपरा के अनुसार प्रथम सावन सोमवार की संध्या को गर्भगृह में स्थित ज्योतिर्लिंग का भगवान शिव स्वरूप में विशेष श्रृंगार किया जाएगा। भक्तों की सुविधा के लिए गर्भगृह में होने वाले पूजन-अर्चन का सजीव प्रसारण भी किया जा रहा है। —सुरक्षा के अभूतपूर्व इंतजाम
श्रावण मास को देखते हुए श्री काशी विश्वनाथ धाम एवं आसपास के क्षेत्र में सुरक्षा के व्यापक प्रबंध किए गए हैं। पूरे धाम और उससे जुड़े मार्गों पर 289 सीसीटीवी कैमरों के साथ 44 अतिरिक्त कैमरे लगाए गए हैं। गोदौलिया से मैदागिन तक मंदिर और पुलिस कंट्रोल रूम से चौबीसों घंटे निगरानी की जा रही है।
पुलिस आयुक्त मोहित अग्रवाल ने बताया कि पूरे वाराणसी को पांच जोन और 15 सेक्टर में विभाजित किया गया है। सुरक्षा व्यवस्था में पांच आईपीएस अधिकारियों, 50 राजपत्रित अधिकारियों तथा लगभग पांच हजार पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई है। इसके अलावा पीएसी, एनडीआरएफ, जल पुलिस, क्यूआरटी, फायर टेंडर, एम्बुलेंस और चिकित्सा दल भी तैनात हैं। प्रमुख मार्गों एवं गंगा घाटों पर जल, थल और नभ—तीनों माध्यमों से निगरानी की जा रही है। 24 घंटे टीथर्ड ड्रोन के जरिए भी सुरक्षा व्यवस्था पर नजर रखी जा रही है।
—शिवभक्तों की सेवा में जुटे सामाजिक संगठन
सावन के पहले सोमवार पर सामाजिक संगठनों, नागरिक सुरक्षा संगठन तथा विभिन्न राजनीतिक दलों के कार्यकर्ताओं ने जगह-जगह सेवा शिविर लगाए हैं। श्रद्धालुओं के लिए पेयजल, चिकित्सा सहायता और अन्य आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।
शहर के प्रमुख शिवालयों—ओंकारेश्वर महादेव, महामृत्युंजय महादेव, शूलटंकेश्वर महादेव, तिलभाण्डेश्वर महादेव, गौरी केदारेश्वर, त्रिलोचन महादेव, रामेश्वर महादेव, कर्मदेश्वर महादेव, सारंगनाथ, गौतमेश्वर महादेव और जागेश्वर महादेव सहित अन्य मंदिरों में भी जलाभिषेक के लिए श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ रही है।
——गंगा घाटों पर विशेष सतर्कता
गंगा के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए दशाश्वमेध घाट सहित सभी प्रमुख घाटों पर अतिरिक्त सतर्कता बरती जा रही है। पुलिस लाउड हेलर के माध्यम से श्रद्धालुओं को सुरक्षित स्नान के लिए लगातार जागरूक कर रही है। गंगा में नौकायन पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया गया है। जल पुलिस और एनडीआरएफ की 11वीं वाहिनी के जवान लगातार गश्त कर रहे हैं।
—मार्कंडेय महादेव धाम में भी उमड़ी श्रद्धा
चौबेपुर के कैथी स्थित मार्कंडेय महादेव धाम में भी प्रथम सावन सोमवार पर लाखों श्रद्धालुओं ने जलाभिषेक किया। रविवार शाम से ही भक्तों का पहुंचना शुरू हो गया था। सुगम दर्शन और सुरक्षा व्यवस्था के लिए जिला प्रशासन ने व्यापक बैरिकेडिंग की है। कैथी तिराहे से लगभग तीन किलोमीटर पहले ही वाहनों को रोक दिया जा रहा है। श्रद्धालु गंगा-गोमती संगम में स्नान करने के बाद भगवान मार्कंडेय महादेव के दर्शन और जलाभिषेक के लिए धाम पहुंच रहे हैं।
