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गोरखपुर, 17 सितंबर । दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय में गुरुवार की शाम सेवा, समर्पण और सामाजिक उत्तरदायित्व का अद्भुत संगम देखने को मिला। विश्वविद्यालय परिसर में 5100 दीपों की रोशनी के बीच एक माह तक चलने वाले ‘सेवा संकल्प अभियान’ का भव्य शुभारंभ हुआ। दीपों से जगमगाते विश्वविद्यालय परिसर ने सेवा और जनभागीदारी के संकल्प को जीवंत रूप प्रदान किया।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन के अवसर पर आयोजित इस दीपोत्सव में विश्वविद्यालय के मुख्य द्वार से लेकर प्रशासनिक भवन परिसर तक दीपों की कतारें आकर्षण का केंद्र रहीं। बड़ी संख्या में शिक्षक, अधिकारी, कर्मचारी, स्वयंसेवक और छात्र-छात्राएं इस विशेष आयोजन के साक्षी बने।

कार्यक्रम का शुभारंभ विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. के. पी. सिंह ने मुख्य द्वार पर दीप प्रज्वलित कर किया। इसके बाद उन्होंने प्रशासनिक भवन परिसर स्थित पंडित दीनदयाल उपाध्याय जी की प्रतिमा के समक्ष भी दीप प्रज्वलित किए। मुख्य द्वार और प्रशासनिक भवन परिसर में कुल 5100 दीप प्रज्वलित किए गए। दीपों की रोशनी से पूरा परिसर आलोकित हो उठा और वातावरण में उत्सव के साथ सेवा के संकल्प की भावना भी दिखाई दी।

एक माह तक होंगी विविध सेवा गतिविधियां

विश्वविद्यालय में 17 सितंबर से 17 अक्टूबर 2026 तक चलने वाले सेवा संकल्प अभियान के दौरान विद्यार्थियों और स्वयंसेवकों की सक्रिय सहभागिता से विभिन्न सामाजिक एवं सेवा गतिविधियां आयोजित की जाएंगी। अभियान के अंतर्गत सामाजिक जागरूकता, स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण, नशामुक्ति सहित जनहित से जुड़ी अन्य गतिविधियों को बढ़ावा दिया जाएगा।

अभियान का उद्देश्य विद्यार्थियों को केवल शैक्षणिक गतिविधियों तक सीमित रखने के बजाय उन्हें समाज और राष्ट्र के प्रति अपनी जिम्मेदारियों से जोड़ना है। विभिन्न कार्यक्रमों के माध्यम से विद्यार्थियों में सेवा भावना, सामाजिक संवेदनशीलता, जनभागीदारी और राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने की भावना को प्रोत्साहित किया जाएगा।

‘सेवा समाज और राष्ट्र के प्रति निरंतर जिम्मेदारी’

कार्यक्रम के संयोजक एवं सेवा संकल्प अभियान के प्रभारी प्रो. सत्यपाल सिंह ने कहा कि सेवा समाज और राष्ट्र के प्रति हमारी निरंतर जिम्मेदारी है। विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों में ऊर्जा, प्रतिभा और सामाजिक चेतना की अपार क्षमता है। सेवा संकल्प अभियान के माध्यम से इस ऊर्जा को सकारात्मक दिशा प्रदान करते हुए विद्यार्थियों की सामाजिक जिम्मेदारी को और मजबूत किया जाएगा।

उन्होंने कहा कि दीपोत्सव केवल प्रकाश का उत्सव नहीं, बल्कि समाज में सेवा, सहयोग और सकारात्मक परिवर्तन का संदेश देने का माध्यम भी है। विद्यार्थियों की सक्रिय भागीदारी से अभियान को व्यापक जनसरोकारों से जोड़ने का प्रयास किया जाएगा।

दीपोत्सव के अवसर पर विश्वविद्यालय के विभिन्न संकायों के अधिष्ठाता, विभागाध्यक्ष, कुलसचिव, परीक्षा नियंत्रक, शिक्षकगण, अधिकारी एवं कर्मचारी, एनएसएस स्वयंसेवक तथा बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे। पूरे परिसर में दीपों की रोशनी और विद्यार्थियों की सहभागिता ने कार्यक्रम को आकर्षक एवं यादगार बना दिया।

By editor

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