यूपी के मथुरा में यौन शोषण के मामले में डिप्टी कमिश्नर सहित 6 अन्य अधिकारियों को निलंबित कर दिया गया है। राज्य कर विभाग मथुरा में तैनात डिप्टी कमिश्नर कमलेश कुमार पांडेय पर अधीनस्थ महिला अधिकारी ने यौन शोषण और अनैतिक व्यवहार के गंभीर आरोप लगाए थे। जांच में आरोप प्रथम दृष्टया सही पाए गए, जिसके बाद उन्हें निलंबित कर संयुक्त आयुक्त, बांदा कार्यालय से सम्बद्ध कर दिया गया है। गौरतलब है कि डिप्टी कमिश्नर कमलेश कुमार पांडेय पर कई मौकों पर अनैतिक व्यवहार और यौन शोषण का आरोप लग चुका है। 

मामले की जांच आंतरिक परिवाद समिति (विशाखा) को सौंपी गई थी, लेकिन समिति पर आरोप हैं कि उसने आरोपी अधिकारी को बचाने का प्रयास किया और अपनी जिम्मेदारियों का पालन नहीं किया। इसके चलते समिति के छह सदस्यों को भी निलंबित कर दिया गया है। इनमें सहायक आयुक्त कोमल छाबड़ा (सचल दल इकाई-2, मथुरा), उपायुक्त प्रतिभा (विशेष अनुसंधान शाखा, मथुरा), सहायक आयुक्त पूजा गौतम (राज्य कर खंड-2, मथुरा), उपायुक्त संजीव कुमार (राज्य कर खंड-5, मथुरा), राज्य कर अधिकारी सुनीता देवी (खंड-3, मथुरा) और उपायुक्त वीरेन्द्र कुमार (खंड-3, मथुरा) शामिल हैं। 



सभी अधिकारियों के खिलाफ जांच के लिए राज्य कर विभाग ने विशेष सचिव कृतिका ज्योत्सना को जांच अधिकारी नियुक्त किया है। मंगलवार देर शाम संयुक्त सचिव रघुबीर प्रसाद ने सभी सात अधिकारियों का निलंबन आदेश जारी किया। इस एक्शन से महकमे में हड़कंप है। राज्य कर विभाग में यौन उत्पीड़न के आरोप में यह बड़ी कार्रवाई मानी जा रही है। 

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