देवरिया के महर्षि देवरहवा बाबा मेडिकल कॉलेज में उस वक्त हड़कंप मच गया, जब ओपीडी वार्ड की पांचवीं मंजिल पर बनी पानी की टंकी में एक अज्ञात शव मिला। जिला प्रशासन और मेडिकल कॉलेज प्रशासन के होश उड़ गए। घटना की जानकारी मिलते ही डीएम दिव्या मित्तल ने घटनास्थल का दौरा कर टंकी को सील करवाया और ताबड़तोड़ जांच के आदेश दिए। 

प्रशासन ने उठाए ये कदम
डीएम ने मेडिकल कॉलेज के प्रिंसिपल डॉ. राजेश बरनवाल को जमकर फटकार लगाई, जब उनसे पूछा गया कि आखिर कोई पांचवीं मंजिल तक कैसे पहुंचा? प्रिंसिपल के पास कोई जवाब नहीं था। उन्होंने देखा कि टंकी के पास ताला नहीं था। डीएम ने इसे प्रशासन की घोर लापरवाही करार दिया। इस बातचीत का वीडियो सोशल मीडिया पर भी वायरल हो गया। पानी की सप्लाई बंद कर टैंकरों से वैकल्पिक व्यवस्था की गई है। साथ ही, 5 सदस्यीय जांच समिति बनाई गई, जिसे दो दिन में रिपोर्ट सौंपने को कहा गया।

तत्काल प्रभाव से हटाए गए प्रिंसिपल 
सामाजिक संगठनों ने प्रिंसिपल के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग उठाई। जिसके बाद अपर मुख्य सचिव चिकित्सा शिक्षा विभाग अमित कुमार घोष ने आदेश जारी कर प्रिंसिपल डॉ. राजेश कुमार बरनवाल को तत्काल प्रभाव से हटा दिया। उन्हें महानिदेशक कार्यालय, लखनऊ भेज दिया गया है। फिलहाल, एटा मेडिकल कॉलेज की आचार्य एवं एनाटॉमी विभाग की विभागाध्यक्ष डॉ. रजनी को कार्यवाहक प्रिंसिपल बनाया गया है।

शव की शिनाख्त के लिए तीन दिन का समय
बता दें कि शव की शिनाख्त के लिए पुलिस और कॉलेज प्रशासन को तीन दिन का वक्त दिया गया है, जिसके बाद पोस्टमॉर्टम होगा। क्या यह लापरवाही जानलेवा साबित होगी? सवाल मेडिकल कॉलेज की विश्वसनीयता पर उठ रहे हैं। 

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