सामूहिक दुष्कर्म के दोषी दो भाइयों को आजीवन कारावास

फिरोजाबाद, 27 फ़रवरी (हि.स.)। न्यायालय ने गुरुवार को दलित युवती को अगवा कर उससे सामूहिक दुष्कर्म के दोषी दो भाइयों को आजीवन कारावास (शेष प्राकृत जीवनकाल) की सजा सुनाई है। उन पर अर्थ दंड लगाया है। अर्थ दंड न देने पर अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी।

थाना रामगढ़ क्षेत्र से 22 जनवरी 2020 को अनुसूचित जाति जनजाति की एक युवती को युवक बहला फुसला कर ले गया। युवती की मां ने शाहरुख के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया। विवेचना के बाद पुलिस ने आरिफ और उसके भाई आसिफ निवासी दीदामई रोड के खिलाफ कई धाराओं में न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किया।

मुकदमा अपर सत्र न्यायाधीश, विशेष न्यायाधीश एससी एसटी कोर्ट नवनीत कुमार गिरि की अदालत में चला। अभियोजन पक्ष की तरफ से मुकदमे की पैरवी विशेष लोक अभियोजक नरेंद्र सिंह सोलंकी ने की।

मुकदमें के दौरान कई गवाहों ने गवाही दी। कई साक्ष्य न्यायालय के सामने प्रस्तुत किए गए। गवाहों की गवाही तथा साक्ष्यों के आधार पर न्यायालय ने आसिफ तथा आरिफ को सामूहिक दुष्कर्म व अनुसूचित जाति जन जाति अत्याचार निवारण अधिनियम का दोषी माना।

न्यायालय ने दोनों भाइयों को आजीवन कारावास (शेष प्राकृत जीवन काल) की सजा सुनाई है। उन पर एक लाख तीस हजार, एक लाख तीस हजार रुपया का अर्थ दंड लगाया है। अर्थ दंड न देने पर उन्हें अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी।

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