tilak-utsav-celebrated-during-ram-janaki-vivah-pan

विवाह से पूर्व वधू पक्ष की ओर से भार लेकर पहुंचकर तिलक लगाने की परंपरा को तिलकोत्सव कहा जाता है। दही-चुरा, खीर-पूरी, विभिन्न मिठाइयां, फल-फूल, वस्त्र आदि से युक्त 1001 भार जानकी मंदिर से बाजा–गाजा के साथ राम मंदिर पहुंचाए गए और तिलकोत्सव मनाया गया। माता सीता की तरफ से जानकी मंदिर से निकले इस भार का नेतृत्व अर्थात राजा जनक की भूमिका जानकी मंदिर के सहमहंत रामरोशन दास ने निभाई।

सप्ताहव्यापी विवाह पंचमी महोत्सव के तीसरे दिन जनकपुर के ऐतिहासिक रंगभूमि मैदान (12 बीघा) में धनुष यज्ञ का आयोजन किया गया था। पंचमी महोत्सव के पांचवें दिन सोमवार को राम और जानकी का मटकोर तथा मुख्य दिवस मंगलवार को जानकी और भगवान राम का विवाह समारोह सम्पन्न किया जाएगा। इसके बाद बुधवार को रामकलेवा के साथ विवाह पंचमी महोत्सव का समापन होगा।

By editor

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You missed

Verified by MonsterInsights