नोएडा, 17 अप्रैल । वेतन वृद्धि को लेकर नोएडा में हुए हिंसक प्रदर्शन के बाद जिला प्रशासन और श्रम विभाग ने अनियमितता बरतने पर 203 ठेकेदारों पर कार्रवाई की है। श्रम विभाग ने जिले की 24 फैक्टरियों के 203 ठेकेदारों पर 1.16 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया है। साथ ही उनका लाइसेंस निरस्त कर उन्हें ब्लैकलिस्ट भी किया जाएगा।
जिले के अपर श्रम आयुक्त राकेश द्विवेदी ने बताया कि जिन ठेकेदारों के श्रमिकों ने आंदोलन में तोड़फोड़ की, उनकी भूमिका संदिग्ध है। उन्होंने श्रम कानूनों का उल्लंघन किया। साथ ही, श्रमिकों को उनके हितों से वंचित रखा। श्रम विभाग ने श्रमिकों के भुगतान के लिए इसतरह के 203 ठेकेदारों को 1,16,05,067 रुपये जुर्माना का नोटिस भेजा हैं। उन्होंने बताया कि जुर्माना के साथ-साथ उनके खिलाफ लाइसेंस निरस्तीकरण और ब्लैकलिस्ट करने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है। आंदोलन में हिंसा बढ़ाने के लिए कुछ अन्य ठेकेदारों की भूमिका भी संदिग्ध मिली है। पुलिस और प्रशासन की टीम उन्हें भी चिह्नित करने का काम कर रही है। उनके खिलाफ भी जल्द कार्रवाई होगी। वहीं, श्रमिकों को समय और नियमानुसार भुगतान न करने तथा जुर्माना अदा न करने पर ठेकेदारों के खिलाफ न्यायालय में वाद भी दायर कराया जाएगा। श्रम विभाग के अनुसार 24 फैक्टरियों के 203 ठेकेदारों की आंदोलन में भूमिका संदिग्ध मिली। उनके खिलाफ लाइसेंस निरस्तीकरण से लेकर ब्लैकलिस्ट करने तक की प्रक्रिया जारी है।
