नई दिल्ली, 16 सितंबर । स्वच्छता ही सेवा अभियान का 10वां संस्करण गुरुवार से पूरे देश में शुरू हो जाएगा। 15 दिनों तक चलने वाले इस अभियान का उद्देश्य देशभर में लाखों लोगों को सामूहिक रूप से स्वच्छता अभियानों के लिए प्रभावी रूप से प्रेरित करना है। इस वर्ष की थीम “स्वच्छता में सहभाग, स्वच्छ भारत, विकसित भारत” रखी गयी है।
केंद्रीय जलशक्ति मंत्री सीआर पाटिल ने बुधवार को राष्ट्रीय मीडिया केंद्र में आयोजित संवाददाता सम्मेलन में 17 सितंबर से 02 अक्टूबर तक चलने वाले ‘स्वच्छता ही सेवा-2026’ अभियान की प्रमुख गतिविधियों की जानकारी साझा की। इस दौरान केंद्रीय जलशक्ति राज्यमंत्री वी. सोमन्ना, केंद्रीय आवास एवं शहरी विकास राज्यमंत्री तोखन साहू, केंद्रीय आवास एवं शहरी विकास विभाग के सचिव सतेंद्र सिंह और स्वच्छता एवं पेयजल विभाग के सचिव अशोक केके मीणा मौजूद रहे।
पाटिल ने बताया कि इस वर्ष अभियान के दौरान जनभागीदारी से स्वच्छता गतिविधियों को गति देने, चिह्नित स्थानों पर विशेष स्वच्छता अभियान चलाने, सफाई मित्रों के कल्याण एवं सम्मान और गांवों में स्वच्छता के प्रति जिम्मेदारी एवं सेवा के भाव को और मजबूत करने पर विशेष जोर रहेगा। उन्होंने बताया कि स्वच्छता ही सेवा अभियान नागरिकों, समुदायों और संस्थानों को एक साथ लाने पर केंद्रित है ताकि जमीनी स्तर पर स्वच्छता नजर आए। इस अभियान में स्वच्छता का लक्ष्य बेहद खराब, गंदे और उपेक्षित स्थानों पर ध्यान केंद्रित करना है।
केंद्रीय मंत्री पाटिल ने कहा, “हमारा प्रयास है कि स्वच्छता केवल सरकारी कार्यक्रम बनकर न रहे, बल्कि हर नागरिक की भागीदारी से एक सशक्त जन आंदोलन बने। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने स्वच्छता को देश के संस्कार और जनभागीदारी से जोड़ा है। हम भी स्वच्छता ही सेवा की भावना के साथ इस अभियान से जुड़ें और स्वच्छ एवं स्वस्थ भारत के संकल्प को सिद्ध करें।”
पाटिल ने एक सवाल के जवाब में कहा कि स्वच्छता को लेकर अभी जुर्माना लगाने के बारे में नहीं सोचना चाहिए। पहले देश के लोगों को जागरूक करना आवश्यक है। उन्होंने बताया कि स्वच्छता ही सेवा अभियान से 60 करोड़ लोगों की आदत बदली है। इन लोगों ने अपनी दिनचर्या में स्वच्छता को शामिल किया है।
उल्लेखनीय है कि वर्ष 2017 में शुरू किया गया स्वच्छता ही सेवा अभियान मोदी सरकार के स्वच्छ भारत मिशन को जन आंदोलन बनाने के लिए चलाया जाने वाला एक राष्ट्रव्यापी अभियान है। इसका मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि स्वच्छता केवल सरकारी कार्यक्रम न रहे बल्कि प्रत्येक नागरिक की व्यक्तिगत जिम्मेदारी और सामूहिक भागीदारी बने।
एक दिन पहले ही, स्वच्छता ही सेवा के अंतर्गत जल शक्ति मंत्री पाटिल ने राज्यों के मंत्रियों से संवाद किया था। इस अवसर पर ग्रामीण क्षेत्रों के लिए स्वच्छ सेवा आकलन का शुभारंभ भी किया गया था। पाटिल ने सभी राज्यों से इस अभियान से पूरी गंभीरता और इसकी मूल भावना के साथ जुड़ने का आह्वान किया था।
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