नीरज प्रजापति
30 सितंबर को निकलेगी भव्य कलश यात्रा, 8 से 20 अक्टूबर तक रामलीला मंचन, रामकथा में उमाकांत महाराज सुनाएंगे प्रभु श्रीराम की महिमा।
मुजफ्फरनगर। नई मंडी स्थित रामलीला मैदान इस बार भक्ति, आस्था और सनातन संस्कृति के अद्भुत संगम का साक्षी बनने जा रहा है। रामलीला के शताब्दी वर्ष के रूप में इस बार 100वां रामलीला महोत्सव भव्य एवं धार्मिक वातावरण में आयोजित किया जाएगा। रामलीला मंचन के साथ श्रद्धालुओं के लिए विशेष रूप से रामकथा का भी आयोजन किया जाएगा, जिसमें जूना अखाड़े के महामंडलेश्वर उमाकांत महाराज भगवान श्रीराम के जीवन चरित्र, मर्यादा, त्याग और धर्म के संदेश का श्रवण कराएंगे।
रामलीला मैदान नई मंडी में मीडिया सेंटर के पत्रकारों के साथ आयोजित प्रेस वार्ता में रामलीला समिति के अध्यक्ष संजय मित्तल ने पदाधिकारियों के साथ शताब्दी वर्ष के आयोजन की विस्तृत जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि इस बार का आयोजन केवल रामलीला मंचन तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि इसे श्रद्धा, संस्कृति और धार्मिक परंपराओं से जोड़ते हुए विशेष स्वरूप प्रदान किया जाएगा।
उन्होंने बताया कि 30 सितंबर को भव्य कलश यात्रा निकाली जाएगी। कलश यात्रा रामलीला मैदान से प्रारंभ होकर नई मंडी के प्रमुख मार्गों से होती हुई पुनः रामलीला मैदान पहुंचेगी, जहां विधि-विधान एवं धार्मिक अनुष्ठानों के साथ इसका समापन होगा। कलश यात्रा के माध्यम से रामलीला महोत्सव का विधिवत शुभारंभ किया जाएगा। इस दौरान वातावरण भगवान श्रीराम के जयघोष और भक्ति गीतों से भक्तिमय होगा।
अध्यक्ष संजय मित्तल ने बताया कि 8 अक्टूबर से 20 अक्टूबर तक रामलीला का भव्य मंचन किया जाएगा। रामलीला के मंचन को धार्मिक परंपराओं के अनुरूप और विधि-विधान से संपन्न कराने के लिए वृंदावन से आई श्यामा श्याम कमेटी के महाराज नंदकिशोर के सानिध्य में मंचन कराया जाएगा। वृंदावन की धार्मिक परंपरा और कलाकारों की प्रस्तुति रामलीला को और अधिक प्रभावशाली बनाएगी। रामलीला मंचन के दौरान भगवान श्रीराम के जन्म से लेकर वनवास, सीता हरण, लंका विजय और अयोध्या वापसी तक के प्रसंगों का भावपूर्ण चित्रण किया जाएगा। प्रत्येक प्रसंग के माध्यम से मर्यादा, सत्य, धर्म, त्याग और कर्तव्य का संदेश श्रद्धालुओं तक पहुंचाया जाएगा। आयोजन में रामकथा के माध्यम से भी भक्तों को प्रभु श्रीराम के आदर्श जीवन से जोड़ने का प्रयास किया जाएगा।
उन्होंने बताया कि रामलीला के समापन के बाद भगवान श्रीराम का भव्य राजतिलक किया जाएगा। राजतिलक के उपरांत करीब दो घंटे तक महाराजा अग्रसेन के जीवन चरित्र का वर्णन पंकज दर्पण अग्रवाल द्वारा किया जाएगा। इस विशेष आयोजन के माध्यम से भगवान श्रीराम की मर्यादा के साथ महाराजा अग्रसेन के सामाजिक, धार्मिक और मानवीय आदर्शों को भी जन-जन तक पहुंचाया जाएगा।
प्रेस वार्ता में संजय मित्तल, ब्रजगोपाल छारिया, सत्य प्रकाश मित्तल, प्रवीण कुमार, अशोक कुमार गर्ग, राजीव कुमार अग्रवाल, उपेन्द्र मित्तल, आदित्य भरतिया, डा. प्रदीप जैन, अशोक कुमार तायल, कैलाश चन्द्र (ज्ञानी), विनोद संगल, मोहन लाल मित्तल, राकेश खण्डेलवाल, अनिल कुमार गोयल, विकास कुमार जैन, विवेक गर्ग, विदित गुप्ता, अभिषेक कुच्छल, राजेश गोयल एवं संजय जिन्दल आदि मौजूद रहे।
