कैबिनेट मंत्री अनिल कुमार और राष्ट्रीय अध्यक्ष मोहन प्रजापति ने शहीद शिवदत्त प्रजापति के परिजनों को बंधाया ढाढ़स
मोहन प्रजापति ने शहीद का दर्जा, सरकारी नौकरी, तीन करोड़ की आर्थिक सहायता और उच्च स्तरीय जांच की उठाई मांग
नीरज प्रजापति
मुजफ्फरनगर। देश की सेवा करते हुए अपने प्राण न्यौछावर करने वाले भोपा निवासी शहीद शिवदत्त प्रजापति के घर रविवार को शोक, पीड़ा और भावनाओं का ऐसा माहौल देखने को मिला, जिसने हर किसी की आंखें नम कर दीं। शहादत के बाद उनके परिजनों से मिलने पहुंचे उत्तर प्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री अनिल कुमार तथा अति पिछड़ा वर्ग के राष्ट्रीय अध्यक्ष मोहन प्रजापति ने परिवार के बीच बैठकर उन्हें ढाढ़स बंधाया और भरोसा दिलाया कि शहीद के सम्मान तथा न्याय के लिए हर स्तर पर आवाज बुलंद की जाएगी।

शहीद के परिजनों से मुलाकात के दौरान कैबिनेट मंत्री अनिल कुमार ने गहरा दुख व्यक्त करते हुए कहा कि शिवदत्त प्रजापति की शहादत केवल उनके परिवार की नहीं, बल्कि पूरे मुजफ्फरनगर जनपद की अपूरणीय क्षति है। उन्होंने कहा कि वह केंद्र सरकार में स्वतंत्र प्रभार राज्य मंत्री चौधरी जयंत सिंह से मुलाकात कर पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग करेंगे। साथ ही केंद्र सरकार से पीड़ित परिवार को हर संभव आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने का आग्रह भी करेंगे।
उन्होंने कहा कि शहीद शिवदत्त प्रजापति को शहीद का दर्जा दिलाने के लिए सरकार के समक्ष प्रभावी ढंग से बात रखी जाएगी। इसके अतिरिक्त प्रदेश सरकार से अनुरोध किया जाएगा कि शहीद के पुत्र को सरकारी नौकरी देकर परिवार को स्थायी सहारा प्रदान किया जाए, ताकि देश के लिए सर्वोच्च बलिदान देने वाले परिवार को सम्मानजनक जीवन मिल सके।
इस अवसर पर अति पिछड़ा वर्ग के राष्ट्रीय अध्यक्ष मोहन प्रजापति ने भी घटना को अत्यंत गंभीर बताते हुए कहा कि पूरे घटनाक्रम की उच्च स्तरीय एवं निष्पक्ष जांच कराई जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि बिना जांच पूरी किए शहीद शिवदत्त प्रजापति की मृत्यु को आत्महत्या का स्वरूप देने का प्रयास किया जा रहा है, जबकि यह बात जनपदवासियों के गले नहीं उतर रही। इसी कारण समाज में भारी आक्रोश व्याप्त है और लोग सच्चाई सामने आने की मांग कर रहे हैं।

मोहन प्रजापति ने कहा कि देश की सेवा करने वाले सैनिक के साथ न्याय होना चाहिए। उन्होंने केंद्र एवं प्रदेश सरकार से मांग करते हुए कहा कि शहीद शिवदत्त प्रजापति को आधिकारिक रूप से शहीद का दर्जा प्रदान किया जाए, उनके परिवार को तीन करोड़ रुपये की आर्थिक सहायता दी जाए तथा उनके पुत्र को सरकारी नौकरी देकर परिवार के भविष्य को सुरक्षित किया जाए। उन्होंने कहा कि शहीद का सम्मान केवल शब्दों से नहीं, बल्कि ठोस निर्णयों और न्यायपूर्ण कार्रवाई से होना चाहिए। शहीद के घर पहुंचे जनप्रतिनिधियों ने परिवार के सदस्यों से मिलकर उनकी पीड़ा साझा की। इस दौरान घर का माहौल बेहद भावुक रहा। परिजनों की आंखों से छलकते आंसू और अपनों को खोने का दर्द वहां मौजूद हर व्यक्ति को भीतर तक झकझोर गया। इस दौरान पूर्व मंत्री योगराज सिंह, लोकदल मंडल अध्यक्ष प्रभात तौमर, अति पिछड़ा वर्ग के प्रदेश उपाध्यक्ष राकेश वालिया, मंडल उपाध्यक्ष अजय सैनी सहित अनेक गणमान्य लोग उपस्थित रहे। सभी ने शहीद शिवदत्त प्रजापति को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उनके परिवार को हर संभव सहयोग देने का भरोसा दिलाया। जनपद में शहीद शिवदत्त प्रजापति की शहादत को लेकर लगातार शोक और संवेदना का माहौल बना हुआ है। लोग एक स्वर में निष्पक्ष जांच, शहीद का सम्मान और पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने की मांग कर रहे हैं।
