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नई दिल्ली, 26 अक्टूबर । उच्चतम न्यायालय ने साेमवार काे एम. श्रीनिवासन की ओर से दाखिल उस रिट याचिका को खारिज कर दिया, जिसमें 2026 के तमिलनाडु विधानसभा चुनावों के बाद अखिल भारतीय अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (एआईएडीएमके) छोड़कर मुख्यमंत्री सी. जोसफ विजय के नेतृत्व वाली तमिलगा वेत्रि कझगम (टीवीके) में शामिल होने वाले पूर्व विधायकों के इस्तीफे को चुनौती दी गई थी।

सीजेआई सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली पीठ ने याचिका पर सुनवाई करते हुए कहा कि किसी निर्वाचित प्रतिनिधि का अपने विधायक पद से इस्तीफा देकर दूसरी पार्टी में शामिल होना सामान्य राजनीतिक प्रक्रिया का हिस्सा है और इसमें कुछ भी “आपराधिक” नहीं है।

याचिकाकर्ता के वकीलों ने खरीद-फरोख्त (हॉर्स-ट्रेडिंग) के आरोपों का हवाला दिया और पहले से दर्ज एफआईआर का जिक्र किया। इस पर न्यायालय ने स्पष्ट किया कि एफआईआर की जांच अपने हिसाब से आगे बढ़ेगी और अदालत रिट क्षेत्राधिकार में इसमें हस्तक्षेप नहीं करेगी।

इससे पहले 13 अक्टूबर, 2026 को मद्रास उच्च न्यायालय ने विधानसभा अध्यक्ष द्वारा एआईएडीएमके के 6 विधायकों एस जयकुमार, मारागथम कुमारवेल, पी. सत्यभामा, डा. एसक्की सुबैया, डा. सी विजयभास्कर और एमआर विजयभास्कर के इस्तीफे स्वीकार करने के फैसले को वैध ठहराया था। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि किसी विधायक का इस्तीफा स्वीकार कर लेने से दसवीं अनुसूची के तहत चल रही कार्यवाही निष्प्रभावी नहीं हो जाती। साथ ही कोर्ट ने विधानसभा अध्यक्ष को निर्देश दिया कि वे दो महीने के भीतर अयोग्यता याचिकाओं पर उनके गुण-दोष के आधार पर फैसला लें।

गौरतलब है कि, इन सभी विधायकों ने मई और जून 2026 के दौरान विधानसभा सदस्यता से अपने इस्तीफे सौंपे थे और टीवीके सरकार के पक्ष में विश्वास मत के दौरान व्हिप का उल्लंघन किया था।

By editor

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